भास्कर न्यूज| धौलपुर सैंपऊ ग्राम पंचायत में वर्ष 2024 में एक निजी कॉलोनी में कराए गए सीसी खरंजा सड़क निर्माण का भुगतान पंचायत फंड से उठाने के मामले में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए.एन. सोमनाथ ने सख्त रुख अपनाया हैं। सीईओ ने बीडीओ रामजीलाल मीणा को अंतिम स्मरण पत्र जारी कर तत्कालीन सरपंच अर्जुन कुशवाह, सेक्रेटरी एवं संबंधित कर्मचारियों से 8,07,165 लाख रुपए की वसूली करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले अक्टूबर व नवंबर 2025 में तीन बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। नए नोटिस में राशि जमा कराने की अंतिम तारीख 19 जनवरी निर्धारित की गई है। तय समय सीमा में वसूली नहीं होने पर नियमानुसार प्रस्ताव बनाकर कठोर कार्रवाई के लिए भिजवाने के आदेश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि सैंपऊ की नवीन कॉलोनी में कुछ लोगों द्वारा निजी खर्च पर सीसी खरंजा सड़क निर्माण कराया जा रहा था। इस कार्य के लिए तत्कालीन सरपंच अर्जुन कुशवाह के बड़े भाई ठेकेदार अशोक कुशवाहा को 10 लाख की राशि दी थी। आरोप है कि सरपंच ने इसी निजी कार्य के लिए 9 अगस्त 2024 को पंचायत से स्टेट फाइनेंस फंड के तहत दो प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी कर दीं। करीब 8.7 लाख का भुगतान पंचायत खाते से उठा लिया गया। इसकी शिकायत तत्कालीन उप सरपंच भूरा शाह ने मुख्यमंत्री से की। जांच में गंभीर अनियमितता मानते हुए तत्कालीन सरपंच को दोषी ठहराया और गबन की रकम की वसूली के निर्देश दिए। उप सरपंच भूरा शाह का कहना है कि सरपंच अर्जुन कुशवाह ने जानबूझकर निजी कार्य के लिए पंचायत की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की। सरपंच और उसके भाई की मिलीभगत से सरकारी धन हड़पने की योजना बनाई गई। ^इस मामले में बीडीओ को वसूली करने के लिए अंतिम स्मरण पत्र भेजा गया हैं। 19 जनवरी तक वसूली सुनिश्चित की जानी हैं। बीडीओ के स्थानातंरण होने के कारण वसूली में देरी जरुर हुई हैं,लेकिन सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले आरोपियों पर वसूली पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। -ए.एन. सोमनाथ, मुख्य कार्यकारी अधिकारी,जिला परिषद धौलपुर


