मप्र में अमृत 2.0 के तहत चल रहे कामों में आ रही दिक्कतों पर चर्चा के लिए सोमवार को राजधानी में कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजन होगा। संभागवार पानी और सीवेज के कामों में ठेकेदारों को आ रही दिक्कतों पर बात होगी। चर्चा में ठेकेदार, विभाग के अधिकारी और योजनाओं से जुड़े प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट कंसलटेंट (पीडीएमसी) के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
भोपाल -इंदौर सहित कई बड़े शहरों में अमृत 2 के तहत चल रहे पेयजल और सीवेज प्रोजेक्ट की प्रगति धीमी रही है। इंदौर की भागीरथपुरा की दूषित जल वाली घटना के बाद विभाग इन कामों को लेकर और अलर्ट हो गया है। इसी के चलते अब प्रदेश स्तर पर समीक्षा करके प्रोजेक्ट से जुड़ी समस्याओं को देखा जाएगा। सोमवार को होने वाले आयोजन में संभागवार अमृत 2 के कामों की समीक्षा होगी। इस चर्चा में संभाग के अधीक्षण / कार्यपालन यंत्री, ठेकेदार और संबंधित कंसलटेंट चर्चा करेंगे। चर्चा की शुरुआत भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभागों से होगी। परेशानियां ऐसी-ऐसी
विभाग लगातार अमृत 2 के कामों की समीक्षा करता रहा है। इसमें कई प्रोजेक्ट में डीपीआर में गड़बड़ी, जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी नहीं करने और जिला स्तर पर ट्रैफिक पुलिस सहित स्थानीय प्रशासन से समन्वय में कमी जैसे विषय सामने आए हैं। मप्र के सभी निकाय वित्तीय साधनों की कमी से जूझ रहे हैं। दूषित जल अभियान में 58 प्रदूषित जल वाले ट्यूबवेल
10 जनवरी से शुरू हुए दूषित जल के खिलाफ अभियान में 413 निकायों में 7755 ट्यूबवेल की जांच हुई। इसमें 58 में प्रदूषित जल मिला। विभाग द्वारा इन्हे बंद किया गया है और इनका बिजली का कनेक्शन भी बंद हुआ है। अब तक लीकेज, टूट -फूट में 4893 जगह सुधर हो चुका है, वहीं, 2903 जगह पानी की टंकियों की सफाई हुई है। कुल 1024 अमृत मित्रों ने 45749 पाने के सैंपल लेकर जांच की है। आयुक्त नगरीय प्रशासन के मुताबिक सीएम हेल्पलाइन पर मिली पानी से जुड़ी 515 शिकायतों का निराकरण हो गया है।


