यह कोई प्ले स्कूल या गार्डन नहीं, बल्कि राजधानी भोपाल के तीन अस्पतालों में बने मॉडल वैक्सीनेशन सेंटर का नजारा है। यहां बच्चों को रोते‑धमकते नहीं, बल्कि खेलते‑खेलते वैक्सीन दी जाएंगी। सेंटरों को आधुनिक और बच्चों के अनुकूल बनाया गया है। यहां खिलौने, कार्टून वॉलपेपर और अलग प्ले एरिया‑वेटिंग एरिया से माहौल खुशनुमा है, ताकि बच्चों का डर कम हो और वे सहज रहें। राजधानी के केएनके अस्पताल, सिविल अस्पताल गोविंदपुरा और जेपी अस्पताल में शुरू हुए इन मॉडल वैक्सीनेशन सेंटरों पर नेशनल इम्यूनाइजेशन शेड्यूल की सभी जरूरी वैक्सीन एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। टीकाकरण प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। रोजाना 10 बजे से 6 बजे तक होगा टीकाकरण ये वैक्सीन लगाई जाएगी… सीएमएचओ डॉ मनीष शर्मा ने बताया कि टी बी, हेपेटाइटिस बी, पोलियो, खसरा, रोटा वायरस डायरिया, जापानी इंसेफेलाइटिस , टिटनेस, डिप्थीरिया , काली खांसी, हीमोफिलस इन्फ्लूएंजा, न्यूमोकोकल निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षा के लिए टीका एक प्रभावी और सुरक्षित उपाय है। ये सभी टीके यहां लगाए जाएंगे। किसे लगेगी वैक्सीन
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत ने बताया कि इन मॉडल वैक्सीनेशन रूम की खास बात यह है कि यहां 0 से 5 साल तक के बच्चों की सभी वैक्सीन, साथ ही 10 और 16 साल की उम्र में लगने वाली टीडी (टीडी) वैक्सीन भी दी जाएगी। इतना ही नहीं, गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी इन्हीं केंद्रों पर किया जाएगा। इससे अभिभावकों को अलग-अलग अस्पतालों और तारीखों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।


