सांगोद में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर पालिका सांगोद क्षेत्र के अमृतखेड़ी गांव में स्थित आदिल मिर्जा के आलीशान मकान को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। यह मकान गैरमुमकिन बावड़ी श्रेणी की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था। नगर पालिका द्वारा 10 जनवरी को अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा किया गया था, लेकिन तय मियाद पूरी होने के बावजूद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने सीधी कार्रवाई का फैसला लिया। आदिल मिर्जा के दो अलग-अलग मकान अतिक्रमण कर बनाए गए थे दोनों एक ही इलाके में पास-पास बनाए गए हैं। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस जाप्ता तैनात है। एसडीएम, तहसीलदार, नगर पालिका अधिकारी और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है, वहीं आसपास के मकानों की छतों पर भी पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। नगर पालिका का बुलडोजर और जेसीबी मशीनें मौके पर पहुंच चुकी हैं और मकान को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि 9 जनवरी की रात कोटा शहर पुलिस हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा को पकड़ने उसके गांव पहुंची थी। उस दौरान आदिल ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और मौके से फरार हो गया। इसके बाद 11 जनवरी को कोटा ग्रामीण पुलिस ने मोड़क थाना क्षेत्र में अमरूदों के बाग से आदिल मिर्जा को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान भी आदिल ने पुलिस पर पांच राउंड फायरिंग की, जिसमें मोड़क थाने का कांस्टेबल चमन गुर्जर बाल-बाल बच गया। इस कार्रवाई में आदिल मिर्जा के साथ उसके तीन साथी भी गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन देसी कट्टे, एक पिस्टल, 16 जिंदा कारतूस और एक चाकू बरामद किया था। प्रशासन का कहना है कि अवैध अतिक्रमण और अपराध के खिलाफ आगे भी ऐसी कठोर कार्रवाई जारी


