राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आज नागौर विभाग के तीनों जिलों में हिंदू समाज की एकजुटता देखने को मिल रही है। रविवार को विभाग के 62 केंद्रों पर आयोजित हो रहे हिंदू सम्मेलनों की शुरुआत कलश यात्राओं के साथ हुई, जिसमें हजारों की संख्या में मातृशक्ति ने पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित होकर आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना का परिचय दिया। नागौर, डीडवाना और मेड़ता जिलों के गली-मोहल्लों में केसरिया ध्वजों और जयघोष के बीच निकली इन यात्राओं ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और राष्ट्रवाद के रंग में सराबोर कर दिया है। मातृशक्ति का शंखनाद: कलश यात्रा से स्वागत आज के आयोजनों का सबसे विशेष आकर्षण महिलाओं द्वारा निकाली गई कलश यात्राएं रहीं। मंगल कलश धारण किए हजारों महिलाओं ने भव्य शोभायात्राओं के जरिए हिंदू सम्मेलनों का मार्ग प्रशस्त किया। गांव-ढाणी और शहरों के मुख्य मार्गों से गुजरती इन यात्राओं पर जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। मातृशक्ति की यह विशाल भागीदारी समाज को संगठित करने और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संकल्प को दर्शा रही है। स्थानीय पूज्य संतों के सान्निध्य में शुरू हुए इन सम्मेलनों में महिलाओं के उत्साह ने आयोजन की भव्यता को कई गुना बढ़ा दिया है। जिलों की स्थिति: डीडवाना 28, नागौर 19 और मेड़ता में 15 केंद्रों पर आयोजन सांगठनिक व्यवस्था के अनुसार, आज नागौर विभाग के तीनों जिलों में कुल 62 स्थानों पर कार्यक्रम संपन्न हो रहे हैं। इसमें डीडवाना जिले ने अग्रणी भूमिका निभाते हुए 28 केंद्रों पर सम्मेलन आयोजित किए हैं। वहीं नागौर जिले के 19 केंद्रों और मेड़ता जिले के 15 केंद्रों पर भी भारी जनसमूह उमड़ रहा है। प्रत्येक केंद्र पर आयोजित सभाओं में संत समाज का आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है, जो समाज को सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के पथ पर चलने की प्रेरणा दे रहे हैं। शताब्दी वर्ष का संकल्प: चार रविवार होंगे 338 सम्मेलन आज 18 जनवरी से शुरू हुआ यह सिलसिला संघ के शताब्दी वर्ष को समर्पित है। विभाग की योजना के अनुसार, आगामी 25 जनवरी, 1 फरवरी और 8 फरवरी को भी इसी प्रकार सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। इन चार रविवार के भीतर पूरे विभाग में कुल 338 हिंदू सम्मेलन आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि इन सम्मेलनों के माध्यम से प्रत्येक हिंदू परिवार तक संघ के विचार और सेवा कार्यों को पहुंचाया जा रहा है। समाज के हर वर्ग की भागीदारी इन कार्यक्रमों में समाज के सभी वर्गों, जातियों और पंथों के लोग एक जाजम पर नजर आ रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने पिछले कई दिनों से घर-घर जाकर जो ‘पीला चावल’ देकर निमंत्रण दिया था, उसका परिणाम आज केंद्रों पर उमड़ रही भारी भीड़ के रूप में सामने आया है। वक्ताओं ने अपने संबोधन में संघ के 100 वर्षों के ध्येयनिष्ठ सफर की चर्चा करते हुए आने वाली पीढ़ी को सशक्त और संस्कारवान बनाने का आह्वान किया। नागौर विभाग में आज के आयोजन खींवसर, जायल और मूंडवा क्षेत्र लाडनूं, डीडवाना और कुचामन क्षेत्र मेड़ता, डेगाना और अन्य क्षेत्र


