किशनगढ़बास में अलवर जिला राजमिस्त्री मजदूर यूनियन (एटक) शाखा किशनगढ़बास का पांचवां जिला सम्मेलन रविवार को गंज रोड स्थित गुलाब देवी धर्मशाला में संपन्न हुआ। इसमें जिले के हजारों महिला और पुरुष मजदूरों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान केंद्र सरकार की मजदूर एवं किसान विरोधी नीतियों के विरोध में 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया। धर्मशाला से निकाली रैली
सम्मेलन से पहले गुलाब देवी धर्मशाला से एक रैली निकाली गई, जिसमें हजारों मजदूर शामिल हुए। रैली कस्बे के मुख्य मार्गों से होते हुए वापस गुलाब देवी धर्मशाला पहुंची। रैली के दौरान मजदूरों ने अपने हक और अधिकारों, श्रमिक एकता तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े नारों के माध्यम से संगठित संघर्ष का संदेश दिया। सम्मेलन की अध्यक्षता अलवर जिला राजमिस्त्री मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष धीरसिंह (धीरूभाई) ने की। यूनियन को मजबूत करने का आह्लान
सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने मजदूरों की समस्याओं, बढ़ती महंगाई, मजदूरी दरों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और श्रमिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। यूनियन को और अधिक मजबूत व सक्रिय बनाने पर भी जोर दिया गया। श्रमिकों से संगठित रहकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर श्रमिक हितों की लड़ाई को आगे बढ़ाया जा सकता है। राजमिस्त्री मजदूर यूनियन के महामंत्री राजकुमार बख्शी ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। सम्मेलन के दौरान महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाने, सरकार द्वारा कर कोड बिल संहिताएं वापस लेने, मनरेगा योजना में 200 दिन काम व 700 रुपए प्रति दिन मजदूरी देने, मनरेगा योजना को शहर में भी वापस लागू किए जाने, श्रमिकों की कल्याणकारी योजना जिसमें शुभ शक्ति योजना, साइकिल योजना आदि को पुनः शुरू किए जाने, पंजीकृत श्रमिकों की 60 वर्ष की आयु के पश्चात न्यूनतम 5000 रुपए पेंशन दिए जाने सहित विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई।


