ममता बनर्जी संविधान और कानून की धज्जियां उड़ा रही है। जैसे देश में कोई संवैधानिक ढांचा है ही नहीं। वह बंगाल में एक तरह का शरिया कानून चला रही है। दिनदहाड़े लोगों को पीटा जा रहा है। बीएलओ और ईडी के अधिकारियों को धमकाया जा रहा है। इससे घृणित कार्य क्या हो सकता है।
यह बात रविवार को पाली के सर्किट हाऊस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कही। वोट के खातिर बांग्लादेशी-रोहिंग्या को बसाया
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने सत्ता में बने रहने के लिए रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को अवैध रूप से लाकर बंगाल में बसाया और अपना वोटर तक बना दिया। अब SIR का सर्वे हो रहा है तो बीएलओ को धमका रही है। जो हमारे देश का नागरिक नहीं है वह यहां का वोटर कैसे हो सकता है। नेपाल, बंगाल रोहिंग्या से जो काम करने आए उन्हें अपने हितों के लिए वोटर बना दिया उनके पहचान पत्र तक भारतीय बना दिए। कहती है कि जरूरत पड़ी तो बांग्लादेशियों के लिए बंगाल के द्वार खोल दूंगी
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि बंगाल में हिन्दुओं की जो स्थिति है वह किसी से छुपी हुई नहीं है। ऐसे स्थिति में ममता बनर्जी कहती है कि जरूरत पड़ी तो वह बंगाल के द्वार बांग्लादेशियों के लिए खोल देगी। क्या भारत देश कोई धर्मशाला है जो कोई भी यहां किसी भी देश से आकर अवैध रूप से बस जाएंगा।
हिन्दू हो या मुस्लिम सभी भारतीय देश के मतदाता
SIR पर हो रहे कांग्रेस के विरोध पर उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि देश का हिन्दू, मुस्लिम, सिख हो या किसी भी धर्म को मनाने वाला। जो भारतीय है वह देश का सम्मानित मतदाता है और सरकार चुनने में अपने वोट का उपयोग कर सकता है। लेकिन दो दूसरे देशों से आकर यहां अवैध रूप से बसे हुए है। वे भारत देश के मतदाता कैसे हो सकते है। SIR में इसी का पता लगाया जा रहा है। जिसका वर्ष 2002 की मतदाता सूची में नाम नहीं है। उसे सबूत देना होगा कि उसके पिता, दादा या माता का नाम उस मतदाता सूची में है। ताकि पता लगाया जा सके कि वे भारतीय है या नहीं। उन्होंने कहा कि SIR पहली बार नहीं हो रहा। इससे पहले वर्ष 2002, वर्ष 2003, 1991, 1992, 1981, 1973 में भी SIR हुआ था। न जाने अब क्यों भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है।


