सुनहरे भविष्य के सपने लेकर सात समंदर पार गए गुरदासपुर के गांव नंगल ब्राह्मणां के एक युवक केशव शर्मा की इंग्लैंड में सड़क हादसे में मौत हो गई। केशव अभी मात्र चार महीने पहले ही स्टडी वीजा पर इंग्लैंड गया था। इस खबर के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। केशव की मौत की खबर मिलते ही गांव नंगल ब्राह्मणां में हर आंख नम है। ग्रामीणों का कहना है कि केशव बहुत ही होनहार और मिलनसार युवक था, जो अपने परिवार की गरीबी दूर करने के लिए परदेस गया था। किसी ने नहीं सोचा था कि चार महीने के भीतर ही ऐसी दुखद खबर सुनने को मिलेगी। दो बहनों में अकेला भाई था केशव दो बहनों का इकलौता भाई और परिवार का सहारा केशव शर्मा अपने परिवार का इकलौता वारिस था। उसके चाचा प्रवीन कुमार ने रुंधे गले से बताया कि केशव के पिता का निधन साल 2008 में ही हो गया था। पिता के जाने के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी केशव के कंधों पर थी। वह अपनी मां और दो बहनों का एकमात्र सहारा था। अपनी बहनों के बेहतर भविष्य और उनकी शादी की जिम्मेदारी निभाने के लिए ही वह कड़ी मेहनत कर विदेश गया था। सगाई के लिए आना था घर, लौट रही है लाश केशव तीन साल के स्टडी वीजा पर इंग्लैंड गया था। नियति की विडंबना देखिए कि उसे अपनी बहन की सगाई के समारोह में शामिल होने के लिए जल्द ही भारत वापस आना था। परिवार उसकी वापसी की तैयारियों और खुशियों के इंतजार में था, लेकिन उससे पहले ही कारों की भीषण टक्कर ने उसकी जान ले ली। केशव न केवल अपने घर का, बल्कि अपने चाचा-ताया के तीन परिवारों का भी इकलौता बेटा था। सरकारों से मदद की गुहार जवान बेटे की मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। पीड़ित परिवार ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से भावुक अपील की है कि उनके बेटे के शव को जल्द से जल्द भारत लाने में मदद की जाए। परिवार चाहता है कि केशव का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव नंगल ब्राह्मणां में पूरे रीति-रिवाजों के साथ किया जा सके।


