कांग्रेस की डाइनिंग टेबल वाली पोस्ट पर मनप्रीत का जवाब:वडिंग ने ड्रग केस में सुखबीर तो बस केस में भगवंत मान पैर पकड़े

पंजाब कांग्रेस द्वारा कल अपने सोशल मीडिया पेज पर सीनियर भाजपा नेता मनप्रीत बादल को लेकर एक पोस्ट की गई थी। जिसमें लिखा था कि एक वित्त मंत्री होता था, जो डाइनिंग टेबल चोरी कर लेता था। वहीं, इस मामले में अब मनप्रीत बादल ने 9 मिनट का वीडियो पोस्ट कर कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को घेरा है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग शराफत को कमजोरी मान लेते हैं, लेकिन आज मुझे बोलना पड़ेगा। मैं किसी के खिलाफ गलत नहीं बोलता हूं। बोलने की भी एक सीमा होती है। लेकिन अगर वड़िंग इस चीज से पीछे नहीं हटे, तो फिर मेरी भी यह मजबूरी बन जाएगी। वहीं, उन्होंने कहा कि अब उनकी कोशिश यही रहेगी कि वड़िंग की प्रॉपर्टी और बसों की बॉडी में हुए घोटाले की ईडी या ऑडिटर जनरल से जांच करवाई जाए और उन पर शिकंजा कसा जाए। हालांकि इस पोस्ट के बाद भी कांग्रेस के सोशल मीडिया पेज पर एक पोस्ट डाली गई है। उसका शीर्षक दिया गया है कि आज तो पीपा ही बहुत चिल्ला रहा था…! साथ ही एक पीपे की फोटो डाली गई है। इस पर मनप्रीत बादल की फोटो लगी है। साथ ही अंग्रेजी में लिखा है— खाली पीपा फाइनेंस मंत्री। मनप्रीत बादल ने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को 5 प्वाइंटों से घेरा 1. लगा प्रधान ने खाए-पीए में यह पोस्ट डाल दी मुझे पंजाब की सियासत में आए हुए 30 साल हो गए हैं,लेकिन इस दौरान मैं कभी भी अपने राजनीतिक कार्यक्रमों, विधानसभा में अपने राजनीतिक विरोधियों पर कभी गलत आरोप नहीं लगाया। यह रिकॉर्ड है। मुझे कल बड़ी हैरानी हुई कि कांग्रेस पार्टी ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया पेज पर एक पोस्ट डाली कि जब मनप्रीत बादल मंत्री होता था तो सरकारी कोठी से मेज चोरी कर ले गया। पहले मैंने सोचा कि प्रधान ने शायद खाए-पीए में यह पोस्ट डाल दी हो। या फिर माघी मेले में 15 गुना 48 या 60 होता है, जो हंसी में कहा था, उससे यह बौखला गया हो।लेकिन आज मजबूरी है कि मुझे उस पोस्ट का जवाब देना पड़ेगा।क्योंकि कई बार लोग शराफत को मजबूरी समझ बैठते हैं। 2.अकालियों से डरकर मेरी कार में बैठा रहा था पंजाबी में एक कहावत है -अगर शेरों का लीडर गीदड़ हो तो शेर भी गीदड़ बन जाते हैं।और अगर गीदड़ों का लीडर शेर हो तो गीदड़ भी शेर बन जाते हैं। 2016 की बात है कि गिद्दड़बाहा में म्यूनिसिपल इलेक्शन होने थे।कांग्रेसियों का आपका प्रधान मेरे पास आया। उसने मुझसे कहा कि कल वोटिंग है, अकाली मुझे पीटेंगे। अगर तू मेरे साथ रहे तो गिद्दड़बाहा में रहे तो मुझे कोई हाथ नहीं डालेगा। आप यकीन करे कि आपका प्रधान मेरी कार में पिछली सीट पर रहा।किसी मजबूरी के चलते दोपहर में मुझे गिदड़बाहा से जाना पड़ा और जनाब भी गिद्दड़बाहा से गैरहाजिर हो गए। यह फैसला आप करें कि आपका नेता गी गीदड़ों के ग्रुप में आता है शेरों के ग्रुप में आता है। 3. गाड़ियों में चलते है, दर्जियों के पैसे देना भूल जाते है मनप्रीत ने कहा चलते तो बहुत बड़ी गाड़ियों में हैं,बहुत बड़ी-बड़ी कोठियों में रहते हैं।हालांकि ढेरी इनकी छोटी थी।पता नहीं दर्जियों के पैसे देना भूल जाते हैं। जब दो साल पैसे नहीं दिए तो सन्नी ढिल्लों 23 हजार की अदायगी करके गया।मुक्तसर के प्रिंस टेलर ने तीन साल बाद अपने पैसे मांगे तो उसका बुरा हाल कर दिया। 4. 3-4 महीने मंत्री रहे, कारनामें बढ़े किए जनाब ट्रांसपोर्ट मंत्री तो तीन-चार महीने ही रहे,लेकिन कारनामे बड़े किए हैं। बसों की बॉडी पंजाब में साढ़े आठ लाख रुपये में लगती थी।जनाब ने 11 लाख 98 हजार रुपये में जयपुर से लगवाई। जहां तक मेरी अक्ल धोखा नहीं दे रही,पंजाब में एक नीति हैअगर पंजाब के वेंडर का रेट 10 से 15 फीसदी अधिक भी होतो काम पंजाबी को देना चाहिए।
18 प्रतिशत तो जीएसटी वापस आ जानी थी।इसी तरह यह बात आप अपने से लगाकर देखो।फरीदकोट का ठेकेदार था करण कटारिया,जिसने अपने पूरे परिवार और खुद को गोली मार ली।कोई खुद को गोली मार सकता है।पैसे की हवस कितनी इस आदमी में परमात्मा का शुक्र है कि उसकी वाइफ जिंदा है। 5.ड्रग केस में नाम आया तो सुखबीर के पैर पकड़े इसी तरह बरनाला का एक ड्रग डीलर था। पकड़ा गया तो जनाब का नाम आ गया। सुखबीर बादल के जाकर पैर पकड़ लिए। बसों की बॉडी में भगवंत मान और कटारिया केस में कैप्टन के पांव पकड़ लिए। परमात्मा ने पंजाबियों में कौन सी चिप फिट की।अगर कोई पैरों में आकर गिर जाए तो पंजाबी उसे माफ कर देते हैं। मूसेवाला केस में सरकार पर दबाव इसलिए कम हो गया।वड़िंग साहब ने बीच में पड़कर संस्कार करवा दिया। कांग्रेस का यह लीडर पंजाब के मुख्यमंत्री के सामने नहीं बोलता है। इन्होंने यह पोस्ट डाली है,ऐसे में यह जवाब बनता है। वड़िंग साहब जो हरिके कलां का सरपंच है,जिससे पांच किलो अफीम शंभू बॉर्डर पर पकड़ी गई थी।उसमें जनाब का नाम भी आता था।अगर उस समय फैमिली रिलेशन वाला एसपी न होता तो आप भी उस केस में सख्त सजा भुगत रहे होते। जब ड्रग केस में नाम आया तो सुखबीर बादल के पैर पकड़े और बसों की बाॅडी वाले केस में भगवंत मान के पैरों में गिरे। 6.मैंने सरकार से तेज का पैसा नहीं लिया मेरे पर बात आई। मैं एक पब्लिक फिगर हूं। ऐसे में मेरा जवाब देना बनता है।क्योंकि कहीं मेरी पार्टी यह न सोचे कि मैं मेज चोरी करके ले गया। मैं दोस्तों नौ साल पंजाब में मंत्री रहा हूं।नौ सालों में एक किलोमीटर के लिए भी सरकारी गाड़ी का प्रयोग नहीं किया।सरकार के पैसे से कभी पेट्रोल या डीजल अपनी गाड़ी में नहीं डलवाया। सैंकड़ों सरकारी मीटिंग में बाहर जाता था।हवाई जहाज, रेल गाड़ी का किरायाअपनी जेब से देता था। 7.तीन टयूबवेलों के 18 हजार भरता हूं पंजाब में 14 लाख ट्यूबवेल हैं।ये सारे ट्यूबवेल फ्री हैं।मनप्रीत एक किसान है।मेरे पास तीन ट्यूबवेल हैं।मैं हर महीने 18 हजार रुपये भरता हूं। मैं सरकार की मेज चोरी करके ले जाऊंगा?मैंने तेल और गाड़ियां नहीं लीं तो टेबल चोरी करूंगा? वड़िंग साहब बारे बात तो करने के लिए बहुत है।लेकिन इनकी कुछ बातें ऐसी हैं जो स्तर से गिरी हुई हैं।लेकिन एक सीमा से नीचे मैं नहीं गिर सकता। लेकिन अगर दोबारा ऐसी बातें हुईं तो हो सकता है कि मेरी मजबूरी बन जाए। मेरी कोशिश यही रहेगी कि वड़िंग की जो संपत्ति है,बसों की बॉडी लगवाने में जो नुकसान हुआ है,उसका ऑडिटर जनरल या ईडी से जांच करवाकर कानूनी शिकंजे में लिया जाए। 8. 1.84 लाख भरकर एनओसी ली मैं 47 नंबर कोठी में नौ साल रहा।इस दौरान टूट-फूट होती है,इधर-उधर हो जाता है।बिजली का बिल, पानी का रेट होता है। जिस दिन कोठी खाली की,उसकी सरकार से एनओसी ली।उसका 1 लाख 84 हजार रुपए भरा। मुझे अफसोस है कि पंजाब की राजनीति किस राह पर निकल पड़ी है।

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