इंदौर के एक आर्टिस्ट ने 35 साल पहले बोतल आर्ट की शुरुआत की थी। ऐसा आर्ट जिसमें बोतल नेक में सिर्फ एक साइकिल की एक ताड़ी और अगरबत्ती जैसी बारीक लकड़ी डालकर सेलिब्रिटी का खूबसूरत आर्ट बनाते हैं। इसे तैयार होने के बाद जो भी देखता है तो जेहन में एक ही सवाल उठता है कि ऊपर से संकरी और नीचे से चौड़ी बोतल में ऐसा आर्ट कैसे बना दिया लेकिन ऐसा है। उन्होंने देशभर की कई सेलेब्रिटी खासकर क्रिक्रेटरों के ऐसे आर्ट बनाए हैं। 2011-2012 में 14 साल पहले क्रिकेटर विराट कोहली और रोहित शर्मा का बोतलबंद आर्ट बनाया लेकिन मौका ही नहीं मिल रहा है कि उन्हें यह सौंपे। चूंकि आज ये दोनों दोनों क्रिकेटर इंदौर में हैं तो इस आर्टिस्ट की इच्छा है कि वे उन्हें हर हाल में यह गिफ्ट करें। इसके लिए वे प्रयासरत है। इंदौर के कैलाश पार्क निवासी आर्टिस्ट राजेश स्वामी कस्टम डिपार्टमेंट में सीनियर इंस्पेक्टर है। वे खुद स्कूल-कॉलेज में स्पोर्टस गतिविधियों में काफी सक्रिय रहे हैं और क्रिकेट का काफी शौक है। इसी के साथ उन्हें कुछ ऐसा करने का जुनून था कि कुछ हटकर किया जाए। इस पर उन्होंने आर्ट की शुरुआत की। वर्ल्ड कप जीतने के बाद बनाई क्रिकेटरों की आर्ट
स्वामी ने बताया कि 2011 में जब भारत ने वर्ल्ड कप जीता था तो दिमाग में बस एक ही जुनून था कि टीम इंडिया के सारे प्लेयर को उनका बोतल आर्ट बनाकर उन्हें गिफ्ट करूं। इस पर उन्होंने वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, पीयूष चावडा, सुरेश रैना, युसूफ पठान, इरफान पठान, राहुल द्रविड के आर्ट तैयार कर जैसा भी मौका मिला, उन्हें गिफ्ट किए। यह देख सभी काफी खुश हुए और आश्चर्य व्यक्त करने के साथ तारीफ की। यही मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी रायल्टी थी। उन्होंने बताया कि 2011 में ही विराट कोहली और रोहित शर्मा का भी आर्ट तैयार किया। हर आर्ट बोतल को बिना तोड़े तैयार की गई। सहबाग ने बाहर आकर दी थी बधाई, खूब तारीफ की
उन्होंने बताया कि वीरेंद्र सहवाग ने तब उनकी इसकी आर्ट को काफी सराहा था। इसके लिए जब उन्होंने इंदौर में उन तक पहुंचाई थी तो कुछ ही देर में सहवाग बाहर आए और उनकी काफी प्रशंसा की। फिर इसके विजुअल्स अपने सोशल अकाउंट्स पर अपलोड किए तो देशभर के बड़े क्रिकेटर, सेलिब्रिटीज ने भी इसे काफी सराहा था। 12 दिनों में बनाया राम मंदिर आर्ट
स्वामी ने राम मंदिर आर्ट भी बनाया। इसे खड़ी बोतल में नहीं बल्कि आड़ी कर मंदिर तैयार किया गया। इसके लिए उन्हें 12 दिन लगे। इसके लिए उन्होंने राम मंदिर की थर्मोकोल से प्रतिकृति तैयार की। फिर इसके लिए 90 टुकड़े किए। फिर एक-एक टुकड़े को बोतल में डाला। फिर बोतल को आडा कर उसे तैयार किया। देखें तस्वीरें…


