वास्तविक विवादों जैसे हालात बना सिखाए समाधान के तरीके

अजमेर| मध्यस्थता के जरिए विवादों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अजमेर में डिवीजन-स्तरीय रोल-प्लेइंग ट्रेनिंग सेशन आयोजित किया गया। मिडिएशन एंड कन्सीलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी (एमसीपीसी) और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम राजीव गांधी विद्या भवन ऑडिटोरियम में हुआ। ट्रेनिंग का मकसद न्यायिक अधिकारियों और वकीलों को मध्यस्थता प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ देना और संवाद, सहमति व संवेदनशीलता की भूमिका को मजबूत करना था। प्राधिकरण सचिव ने कृष्ण मुरारी जिंदल ने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था में मध्यस्थता को प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम है। रोल-प्लेइंग सत्रों के जरिए प्रतिभागियों को विवादों जैसी परिस्थितियों में समाधान प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला। एमसीपीसी के वरिष्ठ प्रशिक्षकों ने संचार कौशल, आपसी समझ और शांतिपूर्ण समाधान की तकनीकों पर मार्गदर्शन किया। अजमेर डिवीजन के 56 न्यायिक अधिकारी और वकील इस प्रशिक्षण में शामिल हुए। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रांत गुप्ता, एमसीपीसी के वरिष्ठ प्रशिक्षक नीरज कुमार भारद्वाज, बालकृष्ण गोयल सहित कई न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।

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