जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आज आखिरी दिन:‘फ्रीडम ऑफ स्पीच इज ए डेंजरस आइडिया’ ​​​​​​​पर होगी क्लोजिंग डिबेट, 500 साहित्यकार हिस्सा लेने पहुंचे

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) का आज आखिरी दिन है। दिन की शुरुआत मॉर्निंग म्यूजिक से होगी। इसमें नवाब खान और द मंत्रा बैंड परफॉर्म करेंगे। इसके बाद ‘द लीगेसी ऑफ वॉयलेंस’ सेशन में कैरोलिन एल्किंस और विलियम डेलरिम्पल संवाद करेंगे। साहित्यिक चर्चाओं में कविता, मिथक और नारी दृष्टि प्रमुख विषय रहेंगे। ‘एपिक वीमन’ में कविता केन, वोल्गा और आनंद नीलकंठन महिला पात्रों की भूमिका पर बात करेंगे। आदिवासी संस्कृति पर आधारित ‘गवरी ऑफ द मेवाड़ भील्स’ सेशन में लोक परंपराओं और देवी-आराधना पर डिस्कशन होगा। युवा पीढ़ी और समाज पर केंद्रित सेशन ‘Gen-Z, मिलेनियल्स और मम्मीजी’ में बदलते सामाजिक व्यवहार और सोच पर चर्चा होगी। इतिहास प्रेमियों के लिए चोल राजाओं का दक्षिण-पूर्व एशिया में प्रभाव, भारतीय खिलाफत और ईरानी क्रांति जैसे विषयों पर विशेष सेशन आकर्षण का केंद्र रहेंगे। विज्ञान और रचनात्मकता के संगम को दर्शाता सेशन ‘ब्लू-प्रिंट्स: हाउ मैथमेटिक्स शेप्स क्रिएटिविटी’ में गणित और कल्पनाशीलता के संबंध को समझाया जाएगा। वहीं पर्यावरण और भविष्य की चुनौतियों पर ‘क्लाइमेट एक्शन एंड एनर्जी अल्टरनेटिव्स’ में विशेषज्ञ समाधान तलाशेंगे। दोपहर और शाम के सेशनों में संस्मरण, अनुवाद, ग्राफिक नॉवेल्स, पेंटिंग्स, संग्रहालयों की स्मृति और बेस्टसेलर बाजार जैसे विषयों पर संवाद होंगे। कई बुक लॉन्च भी होंगी, जिनमें समकालीन लेखकों की नई कृतियां पाठकों के सामने आएंगी। फेस्टिवल का समापन ‘क्लोजिंग डिबेट: फ्रीडम ऑफ स्पीच इज ए डेंजरस आइडिया’ से होगा, जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर तीखी और विचारोत्तेजक बहस देखने को मिलेगी। फेस्टिवल में करीब 500 राइटर्स हिस्सा ले रहे हैं।

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