हनुमानगढ़ के गांधीनगर क्षेत्र में फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) निर्माण और सेकेंड टिकट विंडो को फिर से खोलने की मांग तेज हो गई है। इन मांगों को लेकर गांधीनगर विकास एवं रेल संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे के सहायक अभियंता (एईएन) से मुलाकात की। समिति ने एईएन को एक ज्ञापन सौंपकर इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की अपील की। समिति अध्यक्ष विजय कौशिक ने बताया कि गांधीनगर की सेकेंड टिकट विंडो पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ी है। इस टिकट घर पर टिकटों की बिक्री पूरी तरह से ठप है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है। कौशिक ने आगे बताया कि गांधीनगर की ओर से टिकट घर तक जाने वाले रास्ते को एक अस्थायी दीवार बनाकर बंद कर दिया गया है। इसके कारण पूरा रेलवे क्षेत्र सुनसान रहता है। इलाके में गंदगी और झाड़-झंखाड़ फैले हुए हैं, जिससे असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नशेड़ियों की मौजूदगी और लूटपाट व छीना-झपटी की घटनाओं के डर से लोग सेकेंड टिकट विंडो की ओर जाने से कतराते हैं। विजय कौशिक ने यह भी कहा कि टिकट घर की कोई सुध नहीं ली जा रही है और वहां के कार्यालय कई महीनों से बंद पड़े हैं। स्थिति इतनी खराब है कि दिन के समय भी आमजन उस क्षेत्र में जाने से डरते हैं, रात की तो बात ही छोड़ दें। समिति ने रेलवे अधिकारियों से तत्काल सेकेंड टिकट विंडो तक पहुंचने का रास्ता खोलने, क्षेत्र की सफाई करवाने और गांधीनगर एफओबी का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि इन कदमों से यात्रियों और आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में समिति अध्यक्ष विजय कौशिक, पूर्व पार्षद गुरदीप सिंह बराड़, समिति सचिव राजेंद्र पाल सिंह, संयोजक गुरमेल सिंह खोसा और सह संरक्षक राजकुमार रोहिल्ला शामिल थे।


