शहर के नारेड़ा रोड पर एक जमीनी विवाद के चलते एडवोकेट अरविंद बघेरवाल, उनके पिता और भाई पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही बार काउंसिल अध्यक्ष ओम भारद्वाज सहित कई एडवोकेट अस्पताल पहुंचे और पुलिस कार्रवाई में देरी पर नाराजगी व्यक्त की। एडवोकेट शैलेष मेहता के अनुसार नारेड़ा रोड पर एडवोकेट अरविंद बघेरवाल का एक प्लॉट है, जिस पर कॉलोनी के कुछ लोगों ने कथित तौर पर कब्जा कर रखा है। इस मामले में अरविंद ने पहले भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। सोमवार सुबह जब अरविंद अपने पिता और भाई के साथ मौके पर पहुंचे, तो कब्जाधारियों ने उन पर हमला कर दिया, जिससे तीनों को गंभीर चोटें आईं। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि घटना के लगभग तीन घंटे बाद तक भी कोई पुलिस अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। पुलिस की इस कथित लापरवाही को लेकर एडवोकेट समुदाय में गहरा रोष है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे कार्य बहिष्कार करेंगे। घटना की सूचना मिलने पर डीएसपी हरिराम सोनी और कोतवाली सीआई योगेश चौहान अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से घटना की जानकारी ली और अधिवक्ताओं को प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीआई चौहान ने बताया कि यह झगड़ा दोनों पक्षों के बीच जमीनी विवाद को लेकर हुआ है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।


