हरियाणा से सटी राजस्थान सीमा पर सक्रिय भ्रूण लिंग जांच गिरोह का नारनौल पीएनडीटी प्राधिकरण ने बड़ा खुलासा किया है। जिला नोडल अधिकारी पीएनडीटी डॉ. विजय कुमार यादव के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने एक अंतरराज्यीय गिरोह को राजस्थान के कोटपूतली क्षेत्र में दबिश देकर छह आरोपितों के साथ रंगे हाथों पकड़ा। इनमें पकड़े गए आरोपी राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा हरियाणा के दादरी व महेंद्रगढ़ के रहने वाले हैं। आरोपी गर्भवती महिलाओं को अवैध रूप से राजस्थान ले जाकर भ्रूण लिंग जांच कर रहे थे। गिरोह 80 हजार रुपए में गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग बताने का सौदा कर रहा था। ये सामान बरामद रेड के दौरान टीम ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, मेडिकल उपकरण, चार कार, दो मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट, वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल भुगतान से जुड़े अहम सबूत बरामद किए। थाना शहर नारनौल में पीसीपीएनडीटी एक्ट, बीएनएस और एनएमसी एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। टीम को मिली सूचना जिला समुचित प्राधिकरण पीएनडीटी नारनौल को 24 दिसंबर 2025 को सूचना मिली थी कि हरियाणा की गर्भवती महिलाओं को योजनाबद्ध तरीके से राजस्थान के कोटपूतली क्षेत्र में ले जाकर भ्रूण लिंग जांच कराई जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए 16 जनवरी 2026 को डॉ. विजय कुमार यादव के नेतृत्व में विशेष रेडिंग टीम गठित की गई। डिकोय महिला बनाकर रचा जाल सूचना की पुष्टि के लिए सरकारी योजना ‘बेटी बचाओ’ के तहत एक महिला डिकोय तैयार की गई। गिरोह के संपर्ककर्ता से व्हाट्सएप कॉल व चैट के जरिए बातचीत हुई, जिसमें 80 हजार रुपए में भ्रूण लिंग जांच का सौदा तय किया गया। फोन-पे के माध्यम से तीन किस्तों में पूरी रकम ट्रांसफर कराई गई, जिसके स्क्रीनशॉट जांच टीम के पास सुरक्षित हैं। नारनौल से टपूकड़ा तक किया पीछा 18 जनवरी को आरोपितों ने गर्भवती महिला को नारनौल के रघुनाथपुरा स्थित हनुमान मंदिर के पास बुलाया। यहां से महिला को अलग-अलग वाहनों में बैठाकर कोटपूतली ले जाया गया। पीएनडीटी टीम ने पूरे रास्ते आरोपितों का पीछा किया। कोटपूतली के मोहल्ला बड़ा बास स्थित एक मकान में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से भ्रूण लिंग जांच की जा रही थी। महिला डिकोय के इशारे पर टीम ने दबिश देकर तीन आरोपियों को मौके पर पकड़ लिया। एक और गर्भवती महिला मिली रेड के दौरान एक अन्य गर्भवती महिला भी मौके पर मिली, जिसकी पहले जांच की जा चुकी थी। उसका पति मौके से फरार हो गया। बाद में मुख्य सौदागर और एक अन्य आरोपी को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। कई जिलों से गिरफ्तारियां मुख्य सौदागर बिरेंद्र (निवासी कादमा, चरखी दादरी) को दादरी से, जबकि सुनील (निवासी सुरेहती पलानिया, सतनाली) को सतनाली क्षेत्र से पकड़ा गया। इनके अलावा हमीदपुर निवासी जितेंद्र, कोटपूतली के कंवरपुरा निवासी धर्मवीर, मोहल्ला बड़ा बास कोटपूतली निवासी आनंद जांगिड़ और मुंडियाखेड़ा निवासी पवन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपितों को नारनौल लाकर पुलिस के हवाले कर दिया गया।


