जीरामजी योजना स्थायी आजीविका की गारंटी: डॉ. भंडारी:गांवों में लाएगी आत्मनिर्भरता, मनरेगा को बताया भ्रष्टाचार का माध्यम

भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी ने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जीरामजी योजना को मनरेगा से बेहतर बताया है। उन्होंने कांग्रेस पर जीरामजी योजना को लेकर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया। डॉ. भंडारी ने इस योजना को श्रमिकों के कल्याण और गांवों के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया। डॉ. भंडारी ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई थी। उनके अनुसार, मनरेगा भ्रष्टाचार, फर्जी परियोजनाओं और धन की लूट का माध्यम थी। उन्होंने दावा किया कि बीते एक दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सेवाएं, डीबीटी और आधार लिंकिंग जैसे सुधारों से योजनाओं का लाभ सीधे वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। भाजपा जिला अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि ‘विकसित भारत-जीरामजी’ केवल रोजगार का वादा नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका की गारंटी है। यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत करेगी। उन्होंने बताया कि यह कानून गरीब, जनजाति और पिछड़ा वर्ग को रोजगार सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। डॉ. भंडारी ने कहा कि यह योजना ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करेगी। इस कानून में पुराने प्रावधानों को संशोधित करते हुए गांवों को अधिक अधिकार और स्वायत्तता दी गई है। डॉ. रक्षा भंडारी ने ‘‘जीरामजी’’ योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मोदी सरकार ने रोजगार गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है, जिससे श्रमिकों की वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण एवं उपस्थिति प्रणाली से फर्जी श्रमिकों, डुप्लीकेट जॉब कार्ड और फर्जी भुगतान पर रोक लगेगी। वेतन एवं भत्तों का सीधा डिजिटल भुगतान (डीबीटी) होने से बिचौलियों, देरी और धन के दुरुपयोग की समस्या समाप्त होगी। इसके अतिरिक्त, जियो-टैगिंग एवं सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से प्रत्येक परिसंपत्ति को आईएसआरओ के ‘भुवन पोर्टल’ पर अपलोड किया जाएगा, जिससे फर्जी परियोजनाओं की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।

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