50000 इनामी नाबालिग बालिका को ग्रामीण पुलिस ने ढूंढा:10 महीने पहले आठवीं का पेपर देने के बाद हो गई थी लापता, गुजरात में एक फैक्ट्री में मिली

कोटा ग्रामीण जिले से 10 महीने से लापता चल रही 50 हजार रुपये की इनामी नाबालिग बालिका को पुलिस ने गुजरात के सूरत जिले के कड़ोदरा कस्बे से सकुशल दस्तयाब कर लिया है। यह सफलता जिला कोटा ग्रामीण पुलिस की मानव तस्करी विरोधी यूनिट (AHTU) द्वारा चलाए गए विशेष ऑपरेशन “त्रिनेत्र” के तहत हासिल हुई है। कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि थाना चेचट क्षेत्र से अप्रैल 2025 में नाबालिग बालिका के लापता होने का मामला दर्ज हुआ था। बालिका के पिता ने रिपोर्ट दी थी कि उनकी 16 वर्षीय बेटी कक्षा 8 की परीक्षा देने के बाद अचानक घर से गायब हो गई थी। लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस के लिए यह मामला चुनौती बन गया था। बालिका की तलाश के लिए थाना स्तर और जिला स्तर पर कई टीमों का गठन किया गया। राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात सहित कई राज्यों में संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। फोटो चस्पा कराए गए, सोशल मीडिया, समाचार पत्रों और टीवी चैनलों के माध्यम से भी तलाश की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। उन्होंने बताया कि बालिका की बरामदगी पर पहले 25 हजार और फिर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। मानव तस्करी विरोधी यूनिट एसआई बबीता चौधरी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर तंत्र के जरिए जानकारी जुटाई। जांच में बालिका के सूरत जिले के कड़ोदरा औद्योगिक क्षेत्र में होने के संकेत मिले। इसके बाद पुलिस टीम ने औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सत्यापन के बहाने जांच शुरू की और एक फैक्ट्री से बालिका को दस्तयाब किया। बालिका की पहचान और पुष्टि के बाद उसे सुरक्षित राजस्थान लाया गया। पुलिस बालिका से घटना के संबंध में पूछताछ कर रही है। इस सफल कार्रवाई में मानव तस्करी विरोधी यूनिट की टीम का विशेष योगदान रहा।

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