विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर पूर्व मंत्री एवं कोटा उत्तर विधायक शांति धारीवाल ने निर्वाचन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। धारीवाल ने कहा कि निर्वाचन अधिकारी बीजेपी सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं और कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम काटने की सुनियोजित तैयारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि हजारों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया चल रही है, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ है। धारीवाल के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल जिला निर्वाचन अधिकारी से मिला। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम, पीपल्दा विधायक चेतन पटेल मौजूद रहे। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में धारीवाल ने कहा कि निर्वाचन अधिकारी उनसे उठाए गए सवालों जवाब नहीं दे पाए, जिससे पूरी प्रक्रिया पर संदेह और गहरा रहा है। बीजेपी के बीएलओ बुलाकर लिए गए हजारों फॉर्म नंबर 7 पूर्व मंत्री विधायक शांति धारीवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी से जुड़े बीएलओ को बुलाकर नियमों की अवहेलना करते हुए हजारों फार्म भरवाए गए। नियम स्पष्ट है कि एक दिन में एक बीएलओ अधिकतम 10 फार्म ही ले सकता है, लेकिन यहां एक ही दिन में सैकड़ों और हजारों फार्म लिए गए। यह सीधे तौर पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का संकेत है। नोटिस और बैठक की प्रक्रिया को किया गया नजरअंदाज धारीवाल ने तीन अहम सवाल उठाते हुए कहा कि आपत्ति आने पर रिटर्निंग अधिकारी को 7 दिन के भीतर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करनी होती है, लेकिन ऐसी कोई बैठक नहीं बुलाई गई। दूसरा, एक दिन में 10 से अधिक फार्म नहीं लिए जा सकते, फिर हजारों फार्म कैसे स्वीकार किए गए। तीसरा, किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले नोटिस देना अनिवार्य है, लेकिन एक भी व्यक्ति को नोटिस नहीं दिया गया। गलत नाम कटे तो होगा बड़ा आंदोलन धारीवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि एक भी मतदाता का नाम गलत तरीके से काटा गया, तो उसे सामने लाकर खड़ा किया जाएगा और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन और निर्वाचन तंत्र की मिलीभगत से बीजेपी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।


