जबलपुर के हिट एंड रन मामले में मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग सोमवार को सड़क पर उतर आए। दोपहर करीब 1 बजे चक्काजाम शुरू हुआ, जो शाम 5.15 बजे प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। चक्काजाम के चलते करीब 5–6 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीण 10 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे। सोमवार देर शाम प्रदेश सरकार ने भी मृतकों और घायलों को सहायता राशि स्वीकृत की है। इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। रविवार को मौके पर चैनवती बाई (40) और लच्छो बाई (40) की मौत हुई थी। वहीं देर रात इलाज के दौरान गोमता बाई (40), वर्षा कुशराम (45) और कृष्णा बाई (40) ने दम तोड़ दिया। हादसे में 11 मजदूर घायल हुए हैं। हादसा रविवार दोपहर उस समय हुआ, जब बरेला से जबलपुर की ओर आ रही तेज रफ्तार सफेद कार ने सड़क किनारे बैठे 13 मजदूरों को टक्कर मार दी। कार चालक मौके से फरार हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार बिना नंबर की थी। मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। कार मालिक दीपक सोनी को हिरासत में लिया गया है, जबकि चालक और उसका भाई लखन सोनी फरार है। एएसपी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम आरोपी की तलाश में जुटी है, टोल नाकों और रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मृतकों के परिवार को 4-4 लाख की सहायता
घटना के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया है। सीएम ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि श्रमिकों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। दुःख की इस घड़ी में मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए, गंभीर घायलों को 1-1 लाख तथा साधारण घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की है। कार्य एजेंसी को भी निर्देश दिए हैं कि मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख, गंभीर घायलों को 1-1 लाख एवं साधारण घायलों को 50-50 हजार की सहायता राशि प्रदान करें। ईश्वर दिवंगतों को शांति व शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। देखिए चक्काजाम की 5 तस्वीरें… खबर के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए।


