फॉर्म-7 से वोटर-लिस्ट से नाम कटवाने की शिकायत पहुंची थाने:पूर्व पार्षद ने लालकोठी थाने में दी रिपोर्ट; भाजपा BLA के भाई पर फर्जी घोषणा देने का लगाया आरोप

राजस्थान में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान जयपुर के आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से नाम हटाने की कथित साजिश का मामला सामने आया है। वार्ड संख्या 89 से पूर्व निर्वाचित पार्षद अकबरद्दीन ने पुलिस थाना लालकोठी (जयपुर पूर्व) में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनके नाम को वोटर लिस्ट से हटाने के उद्देश्य से फर्जी व कूटरचित फॉर्म संख्या-7 भरकर झूठी घोषणा की गई। अकबरद्दीन ने बताया कि उनका नाम आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र (053), वार्ड संख्या 89, बूथ संख्या 107 (सांगानेरी गेट) की मतदाता सूची में क्रम संख्या 692 पर दर्ज है और उन्हें EPIC नंबर MCM 3202645 जारी है। SIR प्रक्रिया के तहत उन्होंने बीएलओ द्वारा दिया गया परिगणना प्रपत्र नियमानुसार भरकर जमा भी करवा दिया था। BLO ने दी फर्जी फॉर्म-7 की जानकारी पूर्व पार्षद के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को जब वे वार्ड के नागरिकों के साथ बूथ पर पहुंचे, तो जानकारी मिली कि सभी बीएलओ महात्मा गांधी स्कूल, गोल चक्कर आदर्श नगर में बैठक में हैं। वहां बीएलओ पुष्पा ने उन्हें बताया कि अशोक नामक व्यक्ति ने उनके नाम, मकान नंबर और EPIC नंबर का उल्लेख करते हुए फॉर्म-7 जमा कराया है। शिकायत में कहा गया है कि उक्त फॉर्म में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत यह झूठी घोषणा की गई कि अकबरद्दीन उक्त पते से अनुपस्थित या स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, जबकि वे जन्म से उसी पते पर अपने परिवार सहित निवास कर रहे हैं। 50 वर्षों से उसी मकान में निवास, यहीं रहा पार्षद कार्यालय अकबरद्दीन ने बताया कि मकान संख्या 188 उनके पिता द्वारा करीब 50 वर्ष पूर्व खरीदा गया था और वर्षों तक वहीं उनका पार्षद कार्यालय संचालित रहा है, जहां वार्ड के नागरिक रोजाना आते-जाते रहे हैं। इसके बावजूद जानबूझकर उन्हें उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित करने का प्रयास किया गया। भाजपा BLA के भाई पर साजिश का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फॉर्म-7 भरने वाला अशोक, भाजपा बीएलए सुनील का भाई है और दोनों ने मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। आरोप है कि इन लोगों द्वारा बूथ संख्या 107 पर दर्जनों फर्जी व कूटरचित फॉर्म-7 जमा कराए गए हैं। लोक सेवक को दी गई मिथ्या सूचना पूर्व पार्षद का कहना है कि आरोपियों ने जानते-बूझते हुए बीएलओ को मिथ्या सूचना और मिथ्या साक्ष्य दिए। यह कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 212, 216, 227, 229, 318(3) और 61 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। कठोर कार्रवाई की मांग अकबरद्दीन ने पुलिस से मांग की है कि मामले में तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और मतदाता सूची से नाम हटाने जैसे गंभीर अपराध में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

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