देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट आने वाले ढाई महीनों में पूरी तरह नए रूप में नजर आएगा। एयरपोर्ट पर पुराने टर्मिनल का दोबारा संचालन, 24 घंटे विमान परिचालन और बिजासन की ओर नया एग्जिट गेट शुरू होने जा रहा है। इन बदलावों से जहां यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं वर्षों से चली आ रही पार्किंग और ट्रैफिक जाम की समस्या से भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा कई शहरों के लिए उड़ान मिलने की भी पूरी संभावना है। एयरपोर्ट के पीआरओ रामस्वरूप यादव ने बताया कि विस्तार और सुधार से जुड़े कई अहम काम अंतिम चरण में हैं। पुराने टर्मिनल के शुरू होने से मौजूदा टर्मिनल पर यात्रियों का दबाव कम होगा, जबकि अलग एग्जिट गेट बनने से टर्मिनल के सामने लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। रनवे मरम्मत का कार्य मार्च के अंत तक पूरा होने के बाद संभवतः 1 अप्रैल से एयरपोर्ट फिर से 24 घंटे संचालित होगा। अभी रात के समय करीब आठ घंटे एयरपोर्ट बंद रहने से उड़ानों की संख्या सीमित है। 24 घंटे संचालन शुरू होते ही नई उड़ानों के लिए रास्ता खुलेगा और यात्रियों को समय के ज्यादा विकल्प मिलेंगे। नया एग्जिट गेट बनकर तैयार
एयरपोर्ट पर पार्किंग और ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने के लिए बिजासन टेकरी की ओर नया एग्जिट गेट तैयार कर लिया गया है। फिलहाल प्रवेश और निकास के लिए एक ही मार्ग होने से पीक ऑवर्स में टर्मिनल के सामने वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
इसके शुरू होने के बाद एयरपोर्ट पर आने वाले वाहन यात्रियों को लेकर सीधे बिजासन मंदिर की ओर जाने वाली सड़क पर निकल जाएंगे। अभी यहां से केवल अधिकारियों के वाहन आ-जा रहे हैं। पार्किंग ठेकेदार द्वारा बैरियर लगाए जाने और मुख्यालय से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद आम वाहनों को भी इसी गेट से बाहर निकाला जाएगा। दो टर्मिनल से होगा संचालन
नए साल में पुराने टर्मिनल को फिर से चालू किया जाएगा, जहां से एटीआर विमानों का संचालन होगा। इससे मुख्य टर्मिनल पर भीड़ कम होगी और चेक- इन व सुरक्षा जांच में लगने वाला समय घटेगा। एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि दो टर्मिनल संचालन से यात्रियों को ज्यादा सुगम और व्यवस्थित व्यवस्था मिलेगी। इंदौर एयरपोर्ट से जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच 43 लाख 96 हजार 611 यात्रियों ने हवाई यात्रा की। यह एयरपोर्ट के 88 वर्षों के इतिहास में पहली बार है, जब यात्री संख्या 40 लाख के पार पहुंची। इसी अवधि में 32,558 उड़ानों का संचालन हुआ, जो इंदौर की मजबूत एविएशन ग्रोथ को दर्शाता है।


