राज्य बनने के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है, जब नागरिक आपूर्ति निगम(नान) के गोदाम रायपुर समेत पूरे राज्य में खाली हो रहे हैं। अभी तक सरकार के पास चावल ज्यादा होता था और गोदाम कम। लेकिन अब चावल स्टॉक इतना मामूली है कि सरकार के पास 31 जनवरी तक चावल नहीं पहुंचा तो 1 फरवरी से राज्यभर के 82.34 लाख राशन कार्डों में 2.73 करोड़ लोगों को चावल मिलना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे बीपीएल राशन कार्ड वालों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। नान, मार्कफेड और खाद्य संचालनालय के अफसरों की लापरवाही की वजह से ऐसा हो रहा है। धान उठाने से लेकर राशन दुकानों में चावल पहुंचाने तक के लिए तीनों विभाग जिम्मेदार हैं। पर तीनों के अफसर ठीकरा नान पर फोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि फोर्टिफाइड चावल का टेंडर समय नहीं होने की वजह से ही मिलर चावल नहीं दे रहे हैं। हद तो यह है कि अभी तक इस मामले में तीनों विभाग की एक जरूरी बैठक तक नहीं बुलाई गई है। चावल की सप्लाई कब तक शुरू होगी अफसर ये भी नहीं बता पा रहे हैं। मिलर्स का तर्क- सरकार नहीं दे रही फोर्टिफाइड चावल, हम कहां से दें : केंद्र के नियम के अनुसार बीपीएल और एपीएल परिवारों को जो चावल देना है उसमें फोर्टिफाइड चावल (एफआरके) मिला हुआ होना चाहिए। 100 किलो में एक किलो फोर्टिफाइड चावल मिलाना अनिवार्य है। इस चावल को पौष्टिक आहार माना गया है। इसलिए इसे अलग से मिलाया जाता है। इस चावल की सप्लाई के लिए हर साल टेंडर जारी किया जाता है। इस बार इस चावल के लिए जो टेंडर जारी किया गया था वो विवाद में घिर गया। मिलरों का कहना है कि फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई के लिए पहले 120 मिलर पात्र थे। लेकिन अफसरों ने ऐसे सख्त नियम बनाए कि 100 मिलर टेंडर से ही बाहर हो गए। अब केवल 20 मिलर ही बाकी हैं। कीमत को लेकर इन मिलरों पर भी सरकार का दबाव है। यही वजह है कि अब टेंडर फाइनल ही नहीं हुआ कि एफआरके चावल की सप्लाई कौन करेगा। भास्कर पहुंचा गोदामों में, खाली पड़े मिले दैनिक भास्कर ने नागरिक आपूर्ति निगम के गुढ़ियारी और मंदिरहसौद के गोदामों की जांच की तो पता चला कि वहां के गोदाम पिछले पांच दिन से खाली हैं। कोर पीडीएस के तहत चलने वाली दर्जनों गाड़ियां वहां लोड होने का इंतजार कर रही थीं। गोदामों में मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि कई दिनों से मिलरों का चावल आ ही नहीं रहा है। इस वजह से वे गाड़ी लोड नहीं करवा पा रहे हैं। चावल कब और कैसे आएगा इस पर उन्होंने कहा कि ये साहब ही बता पाएंगे। सप्लाई बाधित नहीं होगी
^फोर्टिफाइड चावल का टेंडर जल्द पूरा हो जाएगा। अभी जिन जिलों में चावल खत्म हो रहा है, वहां दूसरे जिलों से सप्लाई कराई जा रही है। जो भी समस्या या परेशानी है, उसे 1 फरवरी के पहले ही दूर कर लिया जाएगा। राशन दुकानों की सप्लाई बाधित नहीं होगी।
-इफ्फत आरा, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम सरकार ही सिस्टम नहीं बना रही
ये सरकार की लापरवाही है। हमें फोर्टिफाइड चावल नहीं मिला है। इस वजह से मिलर चावल की सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं। सरकार ने 2023-24 और 2024-25 में की गई कस्टम मिलिंग का भी पैसा नहीं दिया है। हम तो चावल देना चाहते हैं, लेकिन सरकार ही सिस्टम नहीं बना पा रही है।
– कांतिलाल बोथरा, प्रदेशाध्यक्ष छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन


