बसारगढ़ में 100 साल पुराने तालाब को मिट्टी से भरा जा रहा, जांच का आदेश

रांची के वार्ड नंबर 53 में हटिया- तुपुदाना रोड स्थित बसारगढ़ में 100 साल पुराने तालाब को भरा जा रहा है। तालाब का पानी निकाल कर उसमें मिट्टी भरी जा रही है। चारों ओर मिट्टी की कटाई युद्धस्तर पर चल रही है। इससे स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। क्योंकि, तालाब की वजह से आसपास के क्षेत्रों में भू-गर्भ जल की समस्या नहीं होती थी। गर्मी में भी जमीन में पानी का स्तर बना रहता था। साथ ही आसपास के लोग इस तालाब में छठ पूजा और प्रतिमाओं का विसर्जन करते थे। तालाब भरने से धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुंचेगी। इससे परेशान लोगों ने सोमवार को रांची डीसी के जनता दरबार में तालाब भरने पर रोक लगाने की मांग की। इसके बाद डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने तत्काल तालाब भरने पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। उन्होंने नामकुम के अंचल अधिकारी को तालाब की जमीन और नक्शा से मिलान करके जांच करने और उसकी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। जनता दरबार में बसंतपुर के बादालु गांव में आदिवासी सरना पूजा स्थल के घेराव में हो रही गड़बड़ी की भी शिकायत आई। डीसी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को जांच करके रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। मारपीट से 4 माह का गर्भ गिर गया, होगी कार्रवाई
बुढ़मू के साइम गांव निवासी पूनम देवी भी जनता दरबार में पहुंची। बताया कि उनके पैतृक धार्मिक भूमि पर चोरी हुई। उनके साथ दबंगों ने मारपीट की। इससे उनके पेट में पल रहा चार माह का गर्भ गिर गया। थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीसी ने कार्रवाई का निर्देश दिया। विस्थापितों की जमीन पर अवैध कब्जा, होगी जांच
गेतलसूद डैम से विस्थापित हुए 16 परिवारों को 1966 में बुढ़मू के साड़म मौजा में 104 एकड़ जमीन दी गई थी। लेकिन 2014 से जमीन का रिकॉर्ड अॉनलाइन नहीं हुआ। इसका फायदा उठाकर भू-माफियाओं ने करीब 20 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया। डीसी ने एसएसपी-एसडीआे को जांच कर कड़ी कार्रवाई करने को कहा। तालाब मालिक बोले-सौंदर्यीकरण करा रहे भरा जा रहा तालाब ठाकुर युगल किशोर नाथ शाहदेव का है। उन्होंने दावा किया कि तालाब निजी है। इसे भरा नहीं जा रहा, सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। कुछ स्थानीय लोगों ने तालाब की मेढ़ को तोड़ दिया था। इस वजह से मछलियां बह गईं। यहां लोग गंदगी भी फैलाते थे। इसलिए इसकी घेराबंदी कराई जा रही है। निगम से एनओसी लेने के बाद ही तालाब भरने का नियम तालाब को भरने पर रोक है। अगर तालाब निजी है तो भी उसे भरने के लिए नगर निगम से एनआेसी लेना जरूरी है। क्योंकि, तालाबों का संरक्षण और जल स्रोतों का व्यावसायिक उपयोग अक्सर प्रतिबंधित होता है। खासकर जब वे शहरी क्षेत्र में हों और जल निकासी या पर्यावरणीय महत्व रखते हों, इसलिए सीधे भरवाने के बजाय नगर निगम या प्राधिकरण से संपर्क करके एनओसी लेना जरूरी है, नहीं तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है। पर्यावरणविद् डॉ. नीतीश प्रियदर्शी ने बताया कि रांची को झीलों का शहर कहा जाता था। रांची में किसी समय 400 से अधिक तालाब थे। लेकिन अब इनकी संख्या 100 से कम रह गई है। सैकड़ों तालाब तेजी से बढ़ते शहरीकरण की भेंट चढ़ गए। इससे ग्राउंड वाटर रिचार्ज का सिस्टम समाप्त होता जा रहा है। 400 से अधिक तालाब थे, अब सौ भी नहीं इटकी के सीओ को शो कॉज : 90 वर्षीय अली हसन ने अपनी पैतृक संपत्ति के बंटवारे के बाद जमाबंदी कराने के लिए इटकी अंचल में आवेदन दिया था, लेकिन नहीं हुआ। सीओ और राजस्व उप निरीक्षक ने दौड़ाने के बाद भी जमाबंदी कायम नहीं की। इस पर डीसी ने इटकी के सीओ को वीडियो कॉल कर फटकर लगाई। शो-कॉज जारी कर जवाब मांगा। राजस्व कर्मचारी अनिता हेमरोम पर कार्रवाई का निर्देश दिया।

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