कोटपूतली-बहरोड़ जिला पुलिस ने ऑपरेशन साइबर मुक्ति के तहत साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का खुलासा किया है। साइबर सेल टीम ने 15 पुलिस थानों की 25 टीमों के साथ संयुक्त कार्रवाई कर नेटवर्क को बेनकाब किया। नेटवर्क में युवकों को विदेश भेजने वाली चाइनीज कंपनियों का मुख्य दलाल सुरेश सैन निवासी रामनगर बानसूर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने बताया कि कंबोडिया से संचालित चाइनीज साइबर गिरोह द्वारा डिजिटल अरेस्ट, फर्जी वेबसाइट और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के जरिए भारतीय नागरिकों से हजारों करोड़ रुपए की ठगी की जा रही थी। आरोपी टेलीग्राम, व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम के विज्ञापनों के माध्यम से शेयर मार्केट के नाम पर असली ऐप से मिलते-जुलते फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट बनाते थे। इसके बाद लोगों को व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था। पुलिस के अनुसार, कंबोडिया स्थित फर्जी कॉल सेंटरों से आरोपी खुद को सीबीआई, पुलिस, ईडी और कस्टम अधिकारी बताकर भारतीय नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट कर डराते थे और उनसे मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह द्वारा सैकड़ों युवकों को कंबोडिया भेजा गया, जिनमें अकेले बानसूर क्षेत्र से 50 से अधिक युवक शामिल हैं। अब तक 15 संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है, जबकि 25 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। विदेश भेजे गए युवकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और पुलिस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क व आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कोटपूतली-बहरोड़ सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों को साइबर फ्रॉड के लिए कंबोडिया भेजा जा रहा है। इस पर बानसूर कस्बा, रामनगर, गुता, बूचियावास, मौठुका, फतेहपुर, संथालपुर, लेकड़ी, आलमपुर, बाबरिया सहित कई गांवों में दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान 41 लोगों को डिटेन किया गया। पूछताछ में सामने आया कि बानसूर, कोटकासिम और मुंडावर क्षेत्र के कई लोग इस साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।


