राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के सांसद प्रतिनिधि विक्रम तोमर एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में आ गए हैं। इस बार उनका बयान स्वर्ण समाज के युवाओं को लेकर है, जिस पर अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विक्रम तोमर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि स्वर्ण समाज के युवा केवल भंडारों में खीर-पूरी खाने तक सीमित रह गए हैं और उनसे किसी बड़े परिवर्तन की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि क्रांतिकारी बदलाव के लिए बुलाने पर कोई नहीं आता, लेकिन भंडारे के लिए हजारों लोग पहुंच जाते हैं। “इंस्टाग्राम रील और सट्टे में उलझे युवा” अपनी पोस्ट में उन्होंने सामान्य जाति के युवाओं पर आईपीएल सट्टा खेलने, क्रिकेट में समय बिताने, नेताओं के साथ सेल्फी लेने और इंस्टाग्राम पर रील बनाने में व्यस्त रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हो या भाजपा, युवा नेताओं और उनके बच्चों के चरण चूमने में लगे हुए हैं। भविष्य को लेकर जताई चिंता विक्रम तोमर ने पोस्ट में यह भी लिखा कि यदि यही हाल रहा तो आने वाले समय में ऐसे युवा बर्बाद हो जाएंगे और जिन नेताओं को आज वे अपना आदर्श मान रहे हैं, वही उन्हें खत्म कर देंगे। पोस्ट के अंत में उन्होंने कहा कि उनके लिए भगवान सर्वोपरि हैं। उल्लेखनीय है कि विक्रम तोमर राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के सांसद प्रतिनिधि हैं और स्वर्ण आर्मी के जिलाध्यक्ष भी हैं। वे पूर्व में भी अपने बयानों और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। वर्ष 2022 के नगरपालिका चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। सांसद प्रतिनिधि को लेकर पहले भी उठ चुके हैं सवाल हाल ही में खनियाधाना में मनुस्मृति जलाने के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर दिए गए ज्ञापन के दौरान उन्होंने खुद को सांसद प्रतिनिधि नहीं बताया था। हालांकि, कुछ दिनों बाद ही एक वार्ड में समस्याएं सुनने से जुड़ी पोस्ट में उन्होंने स्वयं को राज्यसभा सांसद का प्रतिनिधि बताया, जिस पर भी सवाल उठे थे।


