नाकोड़ा भैरव की महाभक्ति में डूबे भक्त

भास्कर संवाददाता| भीलवाड़ा सर्व कष्टनिवारक नाकोड़ा पार्श्वनाथ भगवान एवं नाकोड़ा भैरव देव की चल प्रतिमाओं के भीलवाड़ा आगमन के उपलक्ष्य में रविवार रात बापूनगर स्थित संभवनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर के बाहर महाभक्ति का आयोजन हुआ। नववर्ष की पहली महाभक्ति में हर भक्त प्रभु भक्ति में लीन नजर आया। चल प्रतिमाओं की साक्षी में सजे नाकोड़ा दरबार में तीन घंटे से अधिक समय तक भीलवाड़ा के भजन गायक मनीष सोनी, गणेश सुराना (लंकेश), निशा हिंगड़ और नाहर सिस्टर्स चुनौती व आकांक्षा नाहर पहली बार एक साथ मंच पर उपस्थित रहे। भजनों की ऐसी शृंखला प्रस्तुत की कि हजारों श्रद्धालु सुर में सुर मिलाकर झूम उठे। ओ तारणहारे नाकोड़ा वाले, म्हारे नाकोड़ा रा नाथ, म्हारे आंगने पधारो भैरूजी जैसे भजनों की प्रस्तुतियां दी। संचालन कुलदीप गुगलिया ने किया। आयोजन प्रमोशन की जिम्मेदारी लेने पर संयम कर्णावट, युग कावड़िया, नमन गोलेछा, कनिका गुगलिया का सम्मान किया। पुजारी व पार्षद इंदु टांक का सम्मान किया। बलवंत मेहता, मनीष बाफना, गुणवंत जैन, दिनेश गोलेछा, अनिल बिसलोत, दिलीप जैन, दर्शन तातेड़, गौरव डागा, विजय संचेती, संजय सिंघवी, रतन संचेती, संजय लोढ़ा, रतन रांका, सुनील कर्णावट, लक्ष्मण मेहता, विवेक खाब्या, सचिन चपलोत, पवन लोढ़ा, , संदीप खमेसरा ने सेवाएं दी। भक्ति संध्या में भजनों पर नृत्य करते श्रद्धालु। डमरू, मोबाइल टॉर्च और राष्ट्रभक्ति का संगम… सामूहिक भजनों के दौरान कई भक्त डमरू बजाते नजर आए। समापन के समय संदेश आते हैं गीत पर पांडाल में अंधेरा कर सैकड़ों मोबाइल टॉर्च जलाए गए, जिससे भक्ति और राष्ट्रभक्ति का मनोहारी दृश्य बना। कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र, पारस एकतीसा, जोत प्रज्वलन व भैरव चालीसा से हुआ। समापन आरती के साथ किया गया। प्रतिमाओं की देशभक्ति थीम पर अंगरचना की गई।

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