भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा शहर में संगठित सूदखोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है। सांगानेर गेट क्षेत्र के एक रेडीमेड कपड़ा व्यापारी ने 19 लोगों पर भीमगंज थाने में एफआईआर करवाई है, जिसमें अवैध ब्याज वसूली, मारपीट, अपहरण और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि व्यापार के लिए गए 15 लाख रुपए के कर्ज के बदले उससे अब तक करीब 90 लाख रुपए वसूल लिए गए, इसके बावजूद आरोपी 45 लाख रुपए और मांग रहे हैं। पीड़ित व्यापारी आदर्श नगर निवासी अनिलकुमार संचेती ने भीमगंज थाने में सुभाषनगर थानांतर्गत संजय कॉलोनी निवासी मनोज जैन, सिरकी मोहल्ला निवासी अशोक आंचलिया, आजादनगर निवासी भवानीशंकर शर्मा, आरसी व्यास कॉलोनी िनवासी प्रदीपकुमार आंचलिया सहित 19 जनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2021 में व्यापार बढ़ाने के लिए उसे पैसों की जरूरत थी। शुरुआत में कुछ लोगों से 2 रुपए प्रति सैंकड़ा की दर से 15 लाख रुपए उधार लिए थे, लेकिन बाद में ब्याज की दर बढ़ाकर 5, 10, 20 से लेकर 30 रुपए प्रति सैकड़ा तक कर दी गई। पीड़ित का आरोप है कि सूदखोरों ने उससे खाली चेक, स्टांप पेपर और प्रॉमिसरी नोट पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। भुगतान करने के बाद भी ब्याज और पैनल्टी जोड़कर रकम बढ़ाई जाती रही। कई बार रकम लौटाने के बावजूद हिसाब खत्म नहीं किया गया। भीमगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अनिल संचेती ने मनोज जैन से 6 साल पहले 5 लाख रुपए 2 रुपए सैंकड़ा में लिए। 6 महीने के लिए लिया गया ये कर्जा मनोज जैन ने दो महीने में ही वापस मांग लिया। अनिल नहीं दे सका तो पहले 10 और उसके बाद 20 रुपए प्रति सैंकड़ा का ब्याज लगा दिया। इसके बाद भी एक दिन की देरी पर 10 हजार रुपए की पैनल्टी लगाई गई। 40 लाख रुपए चुका दिए, लेकिन 75 लाख रुपए बकाया निकाल दिए। ये राशि लौटाने के लिए अशोक आंचलिया से 40 लाख लेकर 90 लाख चुका दिए। अब भी 45 लाख बकाया बताए जा रहे हैं। जिले में ब्याज माफिया के खौफ से कुछ महीनों में ही 4 जनों ने जान दे दी। 3 जनों का अपहरण कर मारपीट की। ब्याज माफिया ने 3 करोड़ रुपए ब्याज पर दिए, लेकिन इसके बदले 15 करोड़ रुपए से ज्यादा वसूली के बावजूद कर्जा अधूरा रहा। आसींद प्रधान के ससुर लादूलाल साहू के आत्महत्या करने के बाद एसपी यादव सूदखोरों की सूची तैयार करवाते हुए मोटे ब्याज से बनाई संपत्तियां चिन्हित करवा रहे हैं। जिले में पिछले 5 साल में ब्याज माफिया के खिलाफ 24 मुकदमे दर्ज हुए हैं। 6 महीने के लिए दिया कर्जा दो महीने में वापस मांगा


