चित्तौड़गढ़ जिले में माइनिंग विभाग द्वारा चालू वित्तीय साल 2025-26 में खनन के लिए डेलिनिएशन (सीमांकन) किए गए प्लॉटों की नीलामी से विभाग को करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। जिले में मेजर मिनरल्स और माइनर मिनरल्स के लिए नए-नए प्लॉट चिन्हित कर उन्हें नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया गया था। इस प्रक्रिया के तहत विभाग ने अलग-अलग तहसीलों में खनिज संभावनाओं को देखते हुए प्लॉट तय किए थे और उन्हें निदेशालय को भेजा गया था। नीलामी के बाद सरकार को प्रीमियम राशि और अपफ्रंट पेमेंट के रूप में सीधा राजस्व मिला है। माइनर मिनरल्स के लिए 94 नए प्लॉट चिन्हित किए गए चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 (01 अप्रैल 2025 से 30 दिसंबर 2025 तक) के दौरान चितौड़गढ़ जिले में माइनर मिनरल्स खनिजों के लिए कुल 94 नए डेलिनिएशन प्लॉट चिन्हित किए गए थे। इन प्लॉटों में क्वार्टजाइट, मैसेनरी स्टोन, ग्रेनाइट, सैंड स्टोन, बजरी, मार्बल और एम-सेण्ड जैसे खनिज शामिल हैं। विभाग ने अलग-अलग गांवों और तहसीलों में सर्वे के बाद इन प्लॉटों को तय किया, ताकि खनन कार्य निर्धारित सीमा में और नियमों के अनुसार किया जा सके। खनिज अभियंता चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में किए गए चिन्हिकरण खनिज विभाग के ME एहतेशाम सिद्दीकी ने बताया कि कार्यालय खनि अभियंता चित्तौड़गढ़ के क्षेत्राधिकार में कई गांवों में अप्रधान खनिजों के प्लॉट चिन्हित किए गए। ग्राम काठोडिया तहसील चितौड़गढ़ में 8 प्लॉट, ग्राम जाशमा गजुरियों का खेड़ा तहसील भूपालसागर में 5 प्लॉट, ग्राम घाघसा तहसील चित्तौड़गढ़ में 13 प्लॉट और ग्राम जवालियों का खेड़ा तहसील गंगरार में 3 प्लॉट चिन्हित किए गए। इसके अलावा ग्राम पालका खेड़ा तहसील बस्सी में 4 प्लॉट, ग्राम रामा खेड़ा तहसील चित्तौड़गढ़ में 1 प्लॉट, ग्राम काटुन्दा तहसील गंगरार में 17 प्लॉट और ग्राम कोजुन्दा तहसील गंगरार में 4 प्लॉट तय किए गए। कपासन तहसील के ग्राम उमण्ड, रघुनाथपुरा और जवानपुरा में भी बजरी के लिए प्लॉट चिन्हित किए गए। सहायक खनि अभियंता क्षेत्र में हुए डेलिनिएशन कार्यालय सहायक खनि अभियंता निंबाहेड़ा के क्षेत्राधिकार में भी खनन के लिए कई प्लॉट तय किए गए। ग्राम गढ़वाड़ा तहसील निम्बाहेड़ा में 12 प्लॉट मैसेनरी स्टोन और एम-सेण्ड के लिए चिन्हित किए गए। ग्राम लुहारिया तहसील बड़ीसादड़ी में 8 प्लॉट मार्बल के लिए, ग्राम भालोट तहसील भदेसर में 6 प्लॉट मार्बल के लिए, ग्राम निकुम्भ तहसील बड़ीसादड़ी में 5 प्लॉट क्वार्टजाइट के लिए और ग्राम तेजपुरा तहसील भदेसर में 7 प्लॉट मैसेनरी स्टोन के लिए तय किए गए। इन सभी प्लॉटों को नीलामी प्रक्रिया में शामिल करने की कार्रवाई की गई। 75 प्लॉट निदेशालय को भेजे गए, 28 की नीलामी पूरी कुल 94 चिन्हित माइनर मिनरल्स प्लॉटों में से 75 प्लॉटों को नीलामी के लिए निदेशालय को भेजा जा चुका है। इनमें से 41 प्लॉटों की एनआईबी (नोटिस इनवाइटिंग बिड) जारी की गई। एनआईबी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 28 प्लॉटों की नीलामी सफल रही। ये प्लॉट ग्राम घाघसा तहसील चित्तौड़गढ़ में 13, ग्राम पालका खेड़ा तहसील बस्सी में 4, ग्राम जाशमा तहसील भूपालसागर में 1, ग्राम लुहारिया तहसील बड़ीसादड़ी में 8, ग्राम गढ़वाड़ा तहसील निंबाहेड़ा में 1 और ग्राम बिनोता तहसील निंबाहेड़ा में 1 प्लॉट शामिल हैं। नीलामी से 6.12 करोड़ की प्रीमियम राशि प्राप्त माइनर मिनरल्स के 28 प्लॉटों की सफल नीलामी के बाद माइनिंग विभाग को कुल 6 करोड़ 12 लाख रुपए की प्रीमियम राशि राजस्व के रूप में प्राप्त हुई है। यह राशि विभाग के खाते में जमा कर दी गई है। शेष प्लॉटों पर नीलामी और अन्य औपचारिकताओं की प्रक्रिया जारी है। विभाग का कहना है कि आगे भी चरणबद्ध तरीके से बाकी प्लॉटों को नीलामी में शामिल किया जाएगा। पिछले नीलाम प्रधान खनिज ब्लॉकों से 4.98 करोड़ की आय चालू वित्तीय वर्ष में इससे पहले नीलाम किए गए मेजर मिनरल्स ब्लॉकों से भी विभाग को राजस्व मिला है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधान खनिज की नीलामी के लिए जिले में कुल 7 ब्लॉक चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 4 ब्लॉक नीलामी के लिए निदेशालय को भेजे जा चुके हैं। इससे पहले जिन प्रधान खनिज ब्लॉकों की नीलामी पूरी हो चुकी थी, उनसे विभाग को 4 करोड़ 98 लाख रुपए की अपफ्रंट पेमेंट के रूप में राशि प्राप्त हुई है। शेष प्लॉटों पर आगे की प्रक्रिया जारी माइनिंग विभाग के अनुसार, जिन प्लॉटों की अभी नीलामी नहीं हो पाई है, उन पर जरूरी कार्रवाई की जा रही है। आने वाले समय में और प्लॉटों की नीलामी पूरी होने की संभावना है। विभाग का फोकस यह है कि खनन काम तय नियमों के तहत हो और सभी प्रक्रियाएं कागजी रूप से पूरी की जाएं। डेलिनिएशन और नीलामी के जरिए जिले में खनन से होने वाली आय को व्यवस्थित तरीके से बढ़ाया जा रहा है।


