पंचायत सचिव की मौत मामले में न्यायित जांच की मांग:ड्यूटी के दौरान जांच टीम के आने पर बिगड़ी थी तबीयत, सीईओ ने दिए कार्रवाई के निर्देश

हरदा जिले की ग्राम पंचायत पलासनेर के सचिव ओमप्रकाश गुर्जर का ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया। इस घटना के बाद सचिव संघ में आक्रोश है। सोमवार को सचिव संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ प्रवीण कुमार इवने के खिलाफ न्यायिक जांच कराने और हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। सचिव संघ ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे कलमबंद हड़ताल पर चले जाएंगे। इस बीच, जिला पंचायत सीईओ अंजलि जोसेफ और जनपद पंचायत सीईओ विश्वजीत पाटीदार दिवंगत सचिव के निवास ग्राम झुंडगांव पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। अधिकारियों ने शासन के नियमों के तहत डेढ़ लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि का चेक परिवार को सौंपा। सीईओ अंजलि जोसेफ ने सचिव के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग शोकाकुल परिवार के साथ है और हर संभव सहायता दी जाएगी। यह है पूरा मामला ग्राम पंचायत पलासनेर के सचिव ओमप्रकाश गुर्जर की शनिवार (17 जनवरी) शाम ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। बताया जा रहा है कि उनकी मौत हार्ट फेल होने से हुई। रविवार सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पलासनेर की सरपंच सरोज चौरसिया ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोग और उपसरपंच सहित अन्य लोग सचिव और सरपंच के खिलाफ लगातार झूठी शिकायतें कर रहे थे। इससे सचिव मानसिक तनाव में थे। बिना सूचना पहुंची जांच टीम उपसरपंच का कहना है कि जांच टीम के आने की जानकारी पहले किसी को नहीं दी गई थी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। वहीं सचिव संघ ने अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं और धरना-प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। तहसीलदार राजेंद्र पंवार ने बताया कि जिला पंचायत की टीम एक शिकायत की जांच के लिए पंचायत पहुंची थी। इसी दौरान सचिव ओमप्रकाश गुर्जर को चक्कर आया और वे गिर पड़े। उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर भी पढ़ें…
हार्ट फेल होने पर पंचायत सचिव की मौत हरदा। जिले की ग्राम पंचायत पलासनेर के सचिव ओमप्रकाश गुर्जर का शनिवार शाम को हार्ट फेल होने से निधन हो गया। उनकी मौत उस समय हुई जब भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एक टीम पंचायत कार्यालय पहुंची थी।ग्रामीणों ने सचिव ओमप्रकाश गुर्जर और सरपंच सरोज चौरसिया के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। पूरी खबर पढ़ें…

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