शहर में विकास कार्य हरियाली की कीमत पर ही हो रहे हैं। मास्टर प्लान की 6 सड़कों के लिए 670 पेड़ काटने की तैयारी है। मास्टर प्लान की ही 11 अन्य सड़कों का भी सर्वे चल रहा है। कितने पेड़ जद में आएंगे, इसका आंकड़ा फिलहाल सामने नहीं आया है। जिन सड़कों पर सर्वे पूरा हो चुका, उनमें सबसे ज्यादा 194 पेड़ एडवांस एकेडमी से निपानिया सड़क के लिए काटे जाएंगे। मास्टर प्लान की इन सड़कों पर नीम, आम, चंपा, पीपल, जामुन, इमली, करंज, खजूर, पाम सहित अन्य पेड़ हैं। किस सड़क पर कितने पेड़ कटेंगे रानी सराय की हरियाली बचाने के लिए आंदोलन रीगल पर रानी सराय में प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन के लिए 1200 पेड़ों पर संकट है। हालांकि यहां अभी पेड़ों की शिफ्टिंग या काटने पर अनुमति नहीं दी गई है। इन पेड़ों को बचाने के लिए पर्यावरणप्रेमी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। अफसरों का कहना है कि पूरे प्रोजेक्ट की जद में करीब 3 हजार पेड़ों के आने के कारण शिफ्टिंग की अनुमति दी थी लेकिन रीगल स्टेशन पर पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी गई है। 5 साल में 10 हजार से ज्यादा पेड़ काट चुके शहर में विकास काम के नाम पर 5 साल में 10 हजार से ज्यादा पेड़ काटे जा चुके हैं। बीआरटीएस कॉरिडोर, कनाड़िया रोड और अन्य सड़क व भवन परियोजनाओं में सैकड़ों पेड़ों को काटने की अनुमति दी गई। मेट्रो परियोजना के तहत रीगल से एयरपोर्ट कॉरिडोर में 1240 पेड़ प्रभावित हुए, जिनमें 228 पेड़ काटे गए और 1012 को ट्रांसप्लांट किया गया। इंदौर-खंडवा रेल परियोजना में भी लाखों पेड़ों पर असर की आशंका है। पेड़ कट रहे, शहर का तापमान लगातार बढ़ रहा


