ग्वालियर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका सरगना लूट के मामले में जेल की सजा काटकर जमानत पर बाहर आया था। बाहर आने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में चोरी के सामान के खरीददार सहित तीन आरोपियों को सोमवार रात गिरफ्तार किया है। यह मामला 12 दिसंबर को सिरौल स्थित 95 अंकलेश्वर एवेन्यू में रहने वाले चंद्रशेखर जाटव पुत्र रमेशचंद्र जाटव के सूने घर में हुई चोरी से जुड़ा है। चंद्रशेखर का परिवार शादी में शामिल होने आगरा गया था, तभी चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। सिरौल थाना प्रभारी गोविंद बंगोली और उनकी टीम ने CCTV फुटेज खंगाला, जिससे चोरों का सुराग मिला। पुलिस ने मुकेश झा (निवासी काल्पी), दशरथ कुशवाह (निवासी बिजौली) और विनोद प्रजापति (निवासी रमौआ कॉलोनी) को गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार गिरोह का सरगना मुकेश झा 1 साल पहले जेल से जमानत पर छूटा था। उसे लूट के आरोप में 7 साल की सजा हुई थी। 6 लाख 10 हजार रुपए के जेवर बेचे पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी किए गए जेवर 6 लाख 10 हजार रुपए में बेचे गए थे। गिरोह का सरगना दशरथ कुशवाह दिन में बस्तियों और मोहल्लों में घूमकर सूने मकानों की रेकी करता था। इसके बाद वह मुकेश झा के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाता था। चोरी किए गए सामान को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी विनोद प्रजापति की थी। आरोपियों ने पुलिस को चोरी का सामान खरीदने वाले सर्राफा व्यापारी के बारे में भी जानकारी दी है, जिसकी तलाश जारी है।


