विश्व प्रसिद्ध ‘मरु महोत्सव-2026’ इस बार केवल जैसलमेर शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पोकरण से लेकर खुहड़ी के मखमली धोरों तक बॉलीवुड और लोक संगीत का जादू चलेगा। इस बार महोत्सव का मुख्य आकर्षण फिल्म ‘धुरंधर’ और ‘स्त्री-2’ की गायिका मधुबंती बागची और ‘इंडियन आइडल’ के सितारे होंगे। प्रशासन ने इस बार कलाकारों के परफॉर्मेंस के लिए रेगिस्तान के अलग-अलग कोनों को चुना है, ताकि पर्यटक थार की असली सुंदरता का अनुभव कर सकें। महोत्सव का आगाज 29 जनवरी को पोकरण की ऐतिहासिक धरा से होगा, जबकि समापन 1 फरवरी को खुहड़ी के धोरों पर ‘केसरिया बालम’ की गूंज के साथ किया जाएगा। सितारों का कार्यक्रम: कहां, कब और कौन बिखेरेगा जलवा- 29 जनवरी: पोकरण में मोती खान की ‘सूफी शाम’ 30 जनवरी: पूनम सिंह स्टेडियम में मधुबंती का ‘शरारत’ भरा अंदाज 31 जनवरी: लखमणा के धोरों पर राज बर्मन की रूहानी आवाज 01 फरवरी: खुहड़ी में पीयूष पंवार की सुरमयी विदाई तैयारियां पूर्ण: पर्यटन विभाग मुस्तैद पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने इस रूट चार्ट को अंतिम रूप दे दिया है। पोकरण से शुरू होकर जैसलमेर शहर, लखमणा और अंत में खुहड़ी तक चलने वाला यह सफर सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। विशेष रूप से मधुबंती बागची के गानों और पीयूष पंवार की शास्त्रीय कलाकारी को लेकर युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पर्यटकों के लिए खास तैयारी जिला कलेक्टर प्रताप सिंह के अनुसार, इस बार मरु महोत्सव में सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ-साथ मिस्टर डेजर्ट, मिस मूमल और ऊंट दौड़ जैसे पारंपरिक आकर्षण भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। समापन समारोह खुहड़ी के धोरों पर होगा, जहां आतिशबाजी के बीच पीयूष पंवार अपनी सुरीली आवाज से महोत्सव को विदाई देंगे। ये खबर भी पढ़ें। …..
47 साल बाद ‘डेजर्ट फेस्टिवल’ के समापन की जगह बदली:5.6 फीट हाइट वालों को ही मिलेगा ‘मिस्टर डेजर्ट’ का मौका, 29 जनवरी से होगी शुरुआत…. मरुधरा की संस्कृति ‘डेजर्ट फेस्टिवल’ के समापन की जगह 47 साल बाद बदली गई है। सम के रेतीले टीलों के बजाय इस बार खुहड़ी गांव में किया जाएगा। 29 जनवरी से 1 फरवरी तक ‘अंतर्राष्ट्रीय मरु महोत्सव-2026’ का आयोजन होगा। उत्सव की शुरुआत 29 जनवरी को पोकरण की धरती से होगी, वहीं 30 जनवरी को जैसलमेर के रेतीले समंदर में ‘मिस मूमल’ और ‘मिस्टर डेजर्ट’ (मरु श्री) के लिए साल का सबसे बड़ा मुकाबला होगा। इन खिताबों को जीतना आसान नहीं होगा, केवल राजस्थान की शुद्ध संस्कृति अपनाने वाले प्रतिभागी ही मंच तक पहुंच पाएंगे। मिस मूमल के लिए कोहनी से ऊपर चूड़ा पहना बैन होगा, वहीं मिस्टर डेजर्ट के लिए 5.6 फीट हाइट वालों को मौका दिया जाएगा। उत्सव में पूर्व विजेताओं को प्रतियोगिता में एंट्री नहीं मिलेगी। (खबर पढ़ें)


