बोरखेड़ा थाना पुलिस ने छह साल से फरार चल रहे 2000 के इनामी बदमाश और कोटा वक्फ कमेटी के डिप्टी चेयरमैन साजिद जावेद को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर एक बुजुर्ग दंपति के रजिस्ट्रीशुदा प्लॉट की फर्जी दो फाइलें बनाकर उन्हें बेचने और लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप है। साजिद जावेद पहले कांग्रेस पार्टी से जुड़ा रहा है और बाद में भाजपा में शामिल हो गया था। थानाधिकारी अनिल टेलर ने बताया कि न्यू आकाशवाणी कॉलोनी, नयापुरा निवासी बुजुर्ग महिला अर्चना नंदा पत्नी सुभाष नंदा ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने नम्रता आवास कॉलोनी, कोटा स्थित भूखंड संख्या 18 व 19 वर्ष 1997 में विधिवत रजिस्ट्री के जरिए खरीदे थे। इन भूखंडों पर पट्टा प्राप्त करने के लिए उन्होंने 25 फरवरी 2020 को यूआईटी कोटा में आवेदन किया। इस दौरान भूमाफियाओं ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्लॉट हड़पने की साजिश रची। रविंद्र नागर ने आपत्ति दर्ज कराई, वहीं मोहम्मद वारिस ने भी 26 फरवरी 2020 को फर्जी दस्तावेजों की प्रतियां लगाकर पट्टे के लिए आवेदन किया, जिसमें साजिद जावेद का हवाला दिया गया। जांच में सामने आया कि साजिद जावेद ने इन दोनों को फर्जी फाइलें तैयार कर प्लॉट बेच दिए। पीड़िता ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने रजिस्ट्रीशुदा प्लॉटों पर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया था, जिसे आरोपियों ने तोड़ दिया। मामले में पहले ही दो अन्य भू-माफिया मोहम्मद असलम और गजराज सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। लंबे समय से फरार साजिद जावेद पर ₹2000 का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर प्रकरण में और भी खुलासे हो सकते हैं तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।


