पाली में माही बीज पर मंगलवार को प्रजापति महासेना और प्रजापति (कुम्हार) समाज की ओर से श्रीयादे माया की शोभायात्रा निकाली। बैंडबाजों और गाजे-बाजे के साथ यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा की अगुआई करते हुए आगे-आगे घुड़सवार सवार चले। सिर पर कलश धारण करके युवतियां मंगल गीत गाते हुए चल रही थी। पूरे रास्ते माता श्रीयादे के जैकारे लगाते हुए महिला-पुरुष माहौल को धर्ममय करते हुए चल रहे थे। रास्ते में जगह-जगह फूल बरसाकर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। उसके बाद इंद्र कॉलोनी प्रजापत समाज भवन में सम्मान समारोह और महाप्रसादी का आयोजन हुआ। पूरे कार्यक्रम में करीब सात हजार समाजबंधुओं ने शिरकत की।
सुबह सूरजपोल स्थित श्रीयादे माता मंदिर से सुबह गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा रवाना हुई। मंत्री जोराराम कुमावत भी मंदिर पहुंचे और श्रीयादे माता मंदिर में दर्शन किए और समाज के लोगों से मिले। शोभायात्रा सूरजपोल, सोमनाथ मंदिर, सर्राफा बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, नवलखा रोड, हिन्दू सेवा मंडल, नहर पुलिया होते हुए इन्द्रा कॉलोनी चौराहे पर स्थित प्रजापति समाज भवन पहुंची। जहां अगले वर्ष 2027 के आयोजन को लेकर बोलियां बोली गई। इस दौरान भामाशाहों का भी सम्मान किया गया। 200 महिला–पुरुषों की टीम आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं में जुटी रही। झांकियों ने मोहा मन शोभायात्रा में 11 झांकियां शामिल रही। जिसमें भगवान हनुमान का स्वांग रचने वाला युवा आकर्षक का केन्द्र रहा। लोग उसके साथ फोटो, सेल्फी लेते नजर आए। शोभायात्रा में मां श्रीयादे, भगवान शिव-पार्वती, राम-लक्ष्मण-जानकी, राधा-कृष्ण सहित कई झाकिया शामिल रही।


