चित्तौड़गढ़ जिले में जिला परिषद के वार्डों का पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन अब पूरी तरह से पूरा हो गया है। जिला कलक्टर आलोक रंजन ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निर्देशों की पालना करते हुए जिला परिषद चित्तौड़गढ़ के सभी वार्डों (एकल सदस्य निर्वाचन क्षेत्र) की अंतिम सूची प्रकाशित कर दी है। इसके साथ ही अब आगामी पंचायत राज से जुड़े चुनावों और प्रशासनिक कामों के लिए नई वार्ड व्यवस्था लागू मानी जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह नियमों और कानून के तहत की गई है, ताकि जनसंख्या और क्षेत्र के अनुसार वार्डों का संतुलन बनाया जा सके। सरकार के निर्देशों से शुरू हुई प्रक्रिया दरअसल, यह पूरा मामला ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के पुराने और नए निर्देशों से जुड़ा है। विभाग ने पहले 30 अक्टूबर 2019 को जारी एक पत्र के जरिए राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 और पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के तहत जिला कलेक्टरों को जिला परिषद और पंचायत समिति के वार्डों के पुनर्गठन का अधिकार दिया था। इसके बाद 17 दिसम्बर 2025 को विभाग ने एक और पत्र जारी कर सभी जिलों को वार्डों के पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन और नए वार्डों के गठन के प्रस्ताव तैयार कर अंतिम प्रकाशन करने के निर्देश दिए। प्रारूप प्रकाशन और आपत्तियां आमंत्रित इन सरकारी निर्देशों की पालना में चित्तौड़गढ़ जिला कार्यालय की ओर से 30 दिसम्बर को जिला परिषद के वार्डों का प्रारूप प्रकाशन किया गया। इस प्रारूप में जिले के सभी प्रस्तावित वार्डों का विवरण शामिल किया गया था। आम जनता, जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों से इस प्रारूप पर आपत्तियां मांगी गईं। इसके लिए सात दिनों की समय सीमा तय की गई थी और 5 जनवरी तक आपत्तियां स्वीकार की गईं। इस दौरान कई लोगों ने अपने सुझाव और आपत्तियां जिला प्रशासन के सामने रखीं। आपत्तियों का निस्तारण कर किया गया अंतिम फैसला मिले सभी आपत्तियों और सुझावों की गहनता से जांच की गई। नियमों, जनसंख्या आंकड़ों और भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इन आपत्तियों का निस्तारण किया। इसके बाद जिला परिषद के वार्डों की अंतिम सूची तैयार की गई। इस पूरी प्रक्रिया में यह ध्यान रखा गया कि किसी भी क्षेत्र के साथ अन्याय न हो और सभी वार्डों का आकार और जनसंख्या संतुलित रहे। जिला कलक्टर ने जारी किया अंतिम प्रकाशन सभी प्रोसेस पूरी होने के बाद जिला कलक्टर आलोक रंजन ने जिला परिषद चित्तौड़गढ़ के वार्डों का पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन अंतिम रूप से प्रकाशित कर दिया है। अब संलग्न सूची के अनुसार ही जिले में जिला परिषद के वार्ड माने जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि यह कदम पंचायत राज व्यवस्था को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है। नई वार्ड व्यवस्था से आने वाले समय में पंचायत स्तर पर विकास कार्यों और प्रतिनिधित्व में बेहतर संतुलन देखने को मिलेगा। जिला परिषद चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति बड़ीसादड़ी डूंगला भैंसरोडगढ़ बेगूं कपासन गंगरार राशमी भदेसर निंबाहेड़ा भूपालसागर


