जैसलमेर जिला पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नेहड़ाई स्थित एसबीआई (SBI) बैंक से एटीएम उखाड़कर चोरी करने की सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक अंतरराज्यीय स्तर के शातिर बदमाश विक्रम गुर्जर (35), निवासी झुंझुनूं को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से चोरी की गई 1.50 लाख रुपए की राशि बरामद कर ली गई है। पकड़ा गया आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस चोरी में उसके साथ और कौन-कौन शामिल थे। पुलिस का दावा है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों को तोड़कर दिया था घटना को अंजाम पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बताया कि नेहड़ाई बैंक शाखा के सहायक प्रबंधक प्रणव वर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 नवंबर 2025 की रात चोरों ने बैंक परिसर में लगे एटीएम को उखाड़ दिया और उसे अपने साथ ले गए। घटना के दौरान चोरों ने सबूतों को मिटाने के लिए बैंक में लगे तीन सीसीटीवी कैमरों को भी तोड़ दिया था। हालांकि, पुलिस को मिली फुटेज में रात 12:45 से 2:00 बजे के बीच कुछ संदिग्ध लोग एटीएम के साथ तोड़फोड़ करते नजर आए थे। पुलिस की विशेष टीमों ने घेराबंदी कर दबोचा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पोकरण) प्रवीण कुमार और सीओ (नाचना) गजेन्द्र सिंह चम्पावत के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। इसमें सांगड़ थानाधिकारी राजेश कुमार, रामगढ़ थानाधिकारी भुटाराम, लाठी थानाधिकारी नाथुसिंह सहित डीएसटी और डीसीआरबी की टीमों को शामिल किया गया। एफएसएल (FSL) टीम ने मौके से वैज्ञानिक सबूत जुटाए। पुलिस ने मुखबिरों और तकनीकी सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की। आखिरकार 2 महीने बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर विक्रम गुर्जर को धर दबोचा। कौन है आरोपी विक्रम गुर्जर? गिरफ्तार आरोपी की पहचान विक्रम गुर्जर (35) पुत्र रामसिंह, निवासी रूपावाली ढाणी, माधोगढ़ (थाना बबाई, जिला झुंझुनूं) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि विक्रम एक शातिर अपराधी है, जिसके विरुद्ध पहले से ही अलग-अलग थानों में 8 गंभीर मामले दर्ज हैं और वह न्यायालय में विचाराधीन (अंडर ट्रायल) हैं। अब अन्य साथियों की तलाश में पुलिस पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस चोरी में उसके साथ और कौन-कौन शामिल थे। पुलिस का दावा है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस टीम में इनकी रही मुख्य भूमिका इस सफल कार्रवाई में थानाधिकारी राजेश कुमार, राजेंद्र प्रसाद, भीमराव सिंह, खीमाराम, जसवंत सिंह, कानसिंह, सुभाष, सुखराम, भूरसिंह, चैनाराम, राकेश मीणा, हजारसिंह, जगदीश, कैलाश और लीलगिरी शामिल रहे।


