झौरा में स्थायी गौशाला की मांग तेज:आवारा गौवंश से परेशान एक दर्जन किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे

मऊगंज की ग्राम पंचायत झौरा में आवारा गोवंश किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। सैकड़ों की संख्या में खुलेआम घूम रहे ये पशु खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। जनपद पंचायत मऊगंज की ग्राम पंचायत झौरा में लगभग 60 से 100 आवारा गोवंश गांव और आसपास के खेतों में घूम रहे हैं। किसानों के अनुसार, ये पशु खड़ी फसलों को चरकर और रौंदकर नष्ट कर रहे हैं, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक क्षति हो रही है। इस समस्या को लेकर पूर्व सरपंच सुखेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक दर्जन से अधिक ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने लगभग एक माह पहले सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक को इस समस्या से अवगत कराया था। उस समय उन्हें अस्थायी बाड़ा बनाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने लिखित आवेदन देना चाहा, तो पंचायत प्रतिनिधियों ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मऊगंज कलेक्टर द्वारा पूर्व में आवारा पशुओं को गौशालाओं में भेजने और आवश्यक इंतजाम करने के आदेश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। ग्रामीणों ने अपनी ओर से चंदा इकट्ठा कर एक अस्थायी बाड़ा बनाया और एक मजदूर भी रखा, लेकिन यह व्यवस्था कमजोर साबित हुई और गौवंश बाड़ा तोड़कर फिर खेतों में पहुंच गए। अब ग्रामीणों ने एसडीएम मऊगंज को आवेदन सौंपकर सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक को इस संबंध में निर्देशित करने की मांग की है। उन्होंने झौरा में एक स्थायी गौशाला के निर्माण की भी अपील की है। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में जल्द कार्रवाई करेगा और उनकी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

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