नरसिंहपुर जिले के रोंसरा गांव निवासी एक दंपति ने मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में आत्मदाह की चेतावनी दी। उन्होंने विद्युत विभाग की कथित लापरवाही और पड़ोसियों की मनमानी से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात कही। फरियादी आरती शर्मा और उनके पति जगदीश शर्मा ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में बताया कि वे पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जगदीश शर्मा के अनुसार, उनके खेत में लगे बिजली के खंभे पड़ोसियों ने तोड़ दिए हैं, जिससे उनकी खेती पूरी तरह चौपट हो गई है। इसके बावजूद, विद्युत विभाग उन्हें लगातार बिजली के बिल भेज रहा है, जबकि खेत में अब कोई बिजली कनेक्शन नहीं है। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी 2025 को उन्होंने इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। तब बिजली विभाग के अधिकारियों ने आठ दिनों के भीतर खंभे लगाकर कनेक्शन बहाल करने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। दंपति का आरोप है कि पड़ोसी प्रकाश पटेल ने स्थानीय लाइनमैन अशोक सराठे की मिलीभगत से उनके खेत में लगे खंभे, लीड और पाइप उखाड़ दिए। इससे उनकी पूरी सिंचाई व्यवस्था नष्ट हो गई और उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। जगदीश शर्मा का दावा है कि वर्ष 2022 से अब तक उन्हें लगभग 10 लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। उन्होंने पुलिस में भी नामजद शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन वहां से भी उन्हें केवल आश्वासन ही मिले। खेती से आय बंद होने के कारण दंपति को परिवार का भरण-पोषण करने के लिए महाराष्ट्र और विदिशा जिले में मजदूरी तथा यजमानी का काम करना पड़ रहा है। लगातार प्रशासनिक उदासीनता से वे मानसिक रूप से टूट चुके हैं। इसी पीड़ा के चलते उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो वे आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। जनसुनवाई में आत्मदाह की धमकी के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल विद्युत विभाग के अधिकारियों ने अमले को बिजली दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।


