हनुमानगढ़ में सिंचाई पानी की कमी को लेकर नोहर क्षेत्र में किसानों ने एक बार फिर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। नोहर फीडर और जसाना वितरिका में तय हिस्से का पूरा सिंचाई पानी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर 23 जनवरी को गांव भगवान में भगवान हेड पर महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस आंदोलन की पृष्ठभूमि में नोहर पंचायत समिति के पूर्व प्रधान सोहनलाल ढिल ने कहा कि किसान लंबे समय से अपने हक के सिंचाई पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा लगातार इस मांग की अनदेखी की गई है, जिसके कारण फसलों पर संकट मंडरा रहा है। तय हिस्से का पूरा पानी उपलब्ध कराने की मांग
पूर्व प्रधान ढिल ने किसानों से 23 जनवरी को अधिक से अधिक संख्या में भगवान हेड पर पहुंचने का आह्वान किया। किसान नेता सुरेंद्र सिहाग ने बताया कि इस महापंचायत में क्षेत्र के 45 गांवों के किसान सिंचाई पानी के हक के लिए आवाज उठाएंगे और पानी मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
महापंचायत की तैयारियों के तहत किसान नेताओं ने गांव देईदास, टोपरिया, ढण्ढेला, श्योदानपूरा, खिन्नानियां और पिचकराई सहित अन्य गांवों में जनसंपर्क किया। वे घर-घर जाकर ग्रामीणों को इस महापंचायत में शामिल होने का न्योता दे रहे हैं। बिना सिंचाई के चौपट हो रही फसलें
किसान नेताओं का कहना है कि पिछले 3 साल से निर्धारित 332 क्यूसेक पानी सिंचाई के लिए नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि निर्धारित पानी की जगह नाममात्र का ही पानी खालों में पहुंच रहा है, जिससे किसानों की फसलें बिना सिंचाई के चौपट हो रही हैं।
भगवान गांव में हुई जनसभा में पूर्व प्रधान सोहन ढिल, किसान नेता सुरेंद्र सिहाग, दशरथ वर्मा, शिवकुमार सहारण, जगदीश कड़वासरा और राजेंद्र न्यौल सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।


