देवास शहर के वार्ड क्रमांक 43 स्थित नई आबादी क्षेत्र बालगढ़ में वर्षों से बंद पड़ी 33 केवी विद्युत लाइनें और उनके जर्जर पोल अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। इन लाइनों के कारण क्षेत्र में लगातार हादसों का खतरा बना हुआ है, लेकिन बिजली कंपनी की लापरवाही अब तक दूर नहीं हुई है। स्थानीय रहवासियों ने देवास अपर कलेक्टर को जनसुनवाई में आवेदन देकर बताया कि चापड़ा लाइन और चामुंडा स्टील्स मिल्स उद्योग से जुड़ी यह 33 केवी विद्युत लाइन कई वर्षों से अनुपयोगी पड़ी है। इसके बावजूद विद्युत पोल और तार अब भी आबादी क्षेत्र में मौजूद हैं, जो कई घरों की छतों के ऊपर से गुजर रहे हैं। रहवासियों के अनुसार, 30 नवंबर 2025 को इसी जर्जर बिजली पोल में करंट फैलने से बालगढ़ निवासी छात्र आरव गुर्जर की पिछले दिनों मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। हाल ही में दो दिन पूर्व फिर से मकानों की छतों पर करंट फैलने की घटना सामने आई, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है। कई लोगों ने मकान बेचे डर और असुरक्षा के कारण क्षेत्र के दो से तीन परिवार अपने मकान बेचकर वहां से पलायन करने को मजबूर हो चुके हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विद्युत कंपनी ने न तो बंद पड़ी लाइनों को हटाया और न ही कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था की। रहवासियों ने पार्षद राजा अकोदिया और पूर्व पार्षद अर्जुन चौधरी के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रशासन से मांग की है कि जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन 33 केवी विद्युत लाइनों और पोलों को तत्काल हटाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी किसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।


