बड़वानी जिले के तलुन गांव और आसपास के ग्रामीण राष्ट्रीय राजमार्ग 347-बी के प्रस्तावित मार्ग के विरोध में पिछले 16 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी मांगों पर न तो कोई जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहा है और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी। इससे पहले, ग्रामीणों ने लोकसभा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपे थे। उन्होंने स्थानीय हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ कर भगवान हनुमान को भी एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें शासन-प्रशासन को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की गई थी। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2024 में तलुन, करी और बोरलाय गांवों को बायपास करने संबंधी अधिसूचना जारी की गई थी, जिससे उन्हें राहत की उम्मीद थी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि बाद में कुछ प्रभावशाली लोगों ने प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग कर राजमार्ग को गांवों के बीच से निकालने का आदेश पारित करवा दिया। यदि यह राजमार्ग गांवों के बीच से निकलता है, तो कई परिवारों के घर, मकान और आजीविका छिन जाएगी। इससे बड़ी संख्या में लोग बेघर हो सकते हैं, जिससे गांव की सामाजिक संरचना और शांत जीवन बुरी तरह प्रभावित होगा। अनिल जाट और राकेश जाट सहित अन्य ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 347-बी को गांवों के बीच से न निकालकर पूर्व में स्वीकृत बायपास मार्ग से ही निकाला जाए। उनका कहना है कि इससे गांव सुरक्षित रहेंगे और विकास भी बिना विस्थापन के संभव हो सकेगा। जनप्रतिनिधियों के अभी तक धरना स्थल पर नहीं आने से ग्रामीण खासे नाराज हैं।


