रणथंभौर टाइगर रिजर्व में मंगलवार अल सुबह एक दुखद हादसा सामने आया। यहां ट्रेन की चपेट में आने से एक लेपर्ड की मौत हो गई। जिसकी सूचना रेलवे की ओर से वन विभाग को दी गई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लेपर्ड को अपने कब्जे में लिया। जिसे नाका राजबाग लाया गया। जहां लेपर्ड का पोस्टमार्टम करने के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। ट्रेन की चपेट में आने से हुई लेपर्ड की मौत रणथंभौर टाइगर रिजर्व की फ्लाइंग रेंज के रेंजर तुलसीराम मीणा ने बताया कि मंगलवार सुबह अल सुबह रेलवे की ओर से एक लेपर्ड की ट्रेन की चपेट में आने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद वह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। यहाखटूपुरा रेलवे ट्रैक सवाई माधोपुर से रणथंभौर रेलवे स्टेशन के बीच लेपर्ड का शव मिला। जहां से लेपर्ड को नाका राजबाग लगाया गया। यहां पर वेटरनरी बोर्ड का गठन किया गया। जिसके बाद लेपर्ड का पोस्टमार्टम कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। शोल्डर जॉइंट और हिप जॉइंट मिले गांव के निशान पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ सीपी मीणा ने बताया की वेटरनरी बोर्ड में डॉ चंद्र प्रकाश मीणा उपनिदेशक वेटरनरी हॉस्पिटल रणथंभोर टाइगर रिजर्व, डॉ टी सी जैन, डॉ अंजलि गंगवाल मौजूद रहे।डॉ मीणा ने बताया कि यह मादा लेपर्ड थी। जिसकी उम्र करीब तीन साल 3 थी। पोस्टमार्टम के दौरान मादा लेपर्ड के शोल्डर जॉइंट और हिप ज्वाइंट के पास गहरे घाव मिले थे। मादा लेपर्ड की ज्यादा खून बहने आंतरिक चोटों की वजह से मौत हुई है।


