गुरदासपुर में विजिलेंस ब्यूरो ने जिला टाउन प्लानर रितिका अरोड़ा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। उन्हें मंगलवार को गुरदासपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां से दो दिन का रिमांड मिला। शिकायतकर्ता गुरजीत सिंह, निवासी गांव लेहल, ने बताया कि उन्होंने गांव में सात कनाल 17.5 मरले जमीन खरीदी थी। इस जमीन पर उन्होंने प्लॉट तैयार कराए और उनकी रजिस्ट्री के लिए जिला टाउन प्लानर के दफ्तर में आवेदन किया था। प्लॉट मंजूर करने के लिए मांगे थे रुपए गुरजीत सिंह ने जब इस मामले को लेकर जिला टाउन प्लानर रितिका अरोड़ा से मुलाकात की, तो उन्होंने लगातार मामला टालना शुरू कर दिया। देरी का कारण पूछने पर अरोड़ा ने कहा कि दस्तावेज सही हैं, लेकिन कॉलोनी का काम मुफ्त में नहीं हो सकता। उन्होंने प्लॉट मंजूर कराने के लिए प्रति प्लॉट एक लाख रुपए की मांग की। दो दिन का रिमांड पर गुरजीत सिंह रिश्वत देकर काम नहीं कराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने विजिलेंस ब्यूरो यूनिट गुरदासपुर से संपर्क किया। इसके बाद विजिलेंस ने एक जाल बिछाया और रितिका अरोड़ा को उनके दफ्तर में एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, रितिका अरोड़ा को मंगलवार को गुरदासपुर की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पूछताछ के लिए विजिलेंस को दो दिन का रिमांड दिया है।


