पन्ना के पवई जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत पड़वार का टिकरिया गांव आज भी बिजली, सड़क और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां के आदिवासी परिवार लंबे समय से इन मूलभूत आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अपनी लंबित मांगों पर सुनवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण हटा-सिमरिया मुख्य मार्ग पर स्थित एमपीबी (MPB) कार्यालय के सामने सड़क पर बैठ गए, जिससे चक्का जाम हो गया और आवाजाही बाधित हुआ। कार्रवाई के आश्वासन के बाद माने प्रदर्शनकारी स्थिति बिगड़ती देख तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाइश दी और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि गांव का सरकारी स्कूल केवल कागजों पर चल रहा है। उनके अनुसार, स्कूल महीने में महज दो दिन खुलता है, वह भी केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ज्ञापन सौंपकर की कार्रवाई की मांग इस आंदोलन को कांग्रेस का भी समर्थन मिला। कांग्रेस के युवा अध्यक्ष राजपाल सौरभ राजा के नेतृत्व में कार्यकर्ता सिमरिया बिजली कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आदिवासियों के साथ मिलकर तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गांव में तत्काल स्थायी बिजली व्यवस्था, कीचड़ और पत्थरों से भरी राहों की जगह पक्की सड़क का निर्माण और स्कूल में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कर शिक्षा बहाल करने की मांग की गई है। लोग बोले-चुनाव के बाद किए गए वादे भूल जाते हैं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आदिवासी अंचल आज भी घोर उपेक्षा का शिकार है। चुनाव के समय किए गए वादे ठंडे बस्ते में डाल दिए गए हैं। अब देखना यह होगा कि इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन के बाद शासन-प्रशासन की नींद खुलती है या टिकरिया के ग्रामीण भविष्य में भी इन मूलभूत अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे।


