भास्कर न्यूज| भरतपुर मेरे पति को पता चला तो वह मुझे घर से निकाल देंगे… मैंने बच्चों के भविष्य के लिए खेत गिरवी रखा था, अब हम कहां जाएंगे। यह चीख भरतपुर कलेक्ट्रेट परिसर में गूंजती रही। यह व्यथा उन 29 महिलाओं की है, जो स्वरोजगार का सपना लेकर घर की चौखट से बाहर निकली थीं, लेकिन एक शातिर ठग दंपती ने उनकी मेहनत की कमाई, इज्जत और सुकून सब कुछ लूट लिया। राजीविका के नाम पर हुई करीब एक करोड़ रुपए की ठगी ने डीग और भरतपुर की इन ग्रामीण महिलाओं को उस मोड़ पर खड़ा कर दिया है, जहां उन्हें अब केवल मौत ही रास्ता नजर आ रही है। पता चला है कि इन ठग दंपती ने सवाईमाधोपुर में राजीविका की महिलाओं से करीब तीन करोड़ रुपए ठगने का बात सामने आई है। हालांकि अभी इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इस मामले में जिला प्रबंधक राजीविका भारती भारद्वाज ने बताया कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। ठगी के चलते तीन महिलाओं की तबीयत खराब हो गई। जिसके चलते इनको अस्पताल में भर्ती कराया गया। भरोसे का कत्ल: ‘सरकारी दफ्तर’ में बुना गया जाल:- इन महिलाओं के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात सरकारी सिस्टम के भीतर हुआ। पीड़ितों का आरोप है कि अप्रैल 2025 में राजीविका कार्यालय के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर निखिल और रिचा यादव ने उन्हें दफ्तर बुलाया और वहां शिव सिन्हा से मिलवाया। अधिकारियों की मौजूदगी के कारण महिलाओं को लगा कि यह कोई सरकारी योजना है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर शिव और उसकी पत्नी पूनम ने महिलाओं से कैश और ऑनलाइन लाखों रुपये ऐंठ लिए और 16 जनवरी से अपना फोन और जयपुर का ऑफिस बंद कर फरार हो गया। जब भीड़ ने गेट खटखटाया, तब बची दंपती की जान:- ठगी की शिकार बबली ने जब देखा कि उसका 6 लाख में गिरवी रखा घर अब हाथ से जाने वाला है, तो उसने और उसके पति रविराज ने जिंदगी खत्म करने का फैसला कर लिया। दोनों ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था। गनीमत रही कि ग्रामीणों को भनक लग गई और उन्होंने जोर-जोर से दरवाजा खटखटाकर उन्हें बाहर निकाला। बबली आज भी सिसकते हुए कहती है कि शिव सिन्हा ने हमें सड़क पर ला दिया। पति का खौफ: ठग को दिए 9 लाख रुपए रिपोर्ट में लिखाएं 5.50 लाख:- ठगी का शिकार हुई शिमला का दर्द कुछ अलग है। उसने ठगों को 9 लाख रुपए दिए थे, लेकिन पुलिस रिपोर्ट में केवल 5.50 लाख ही लिखवाए। उसे डर है कि अगर उसके पति राम खिलाड़ी को पता चला कि उसने 9 लाख रुपये गंवा दिए हैं, तो वह उसे तुरंत घर से बेदखल कर देगा। शिमला ने यह पैसा 3% मासिक ब्याज पर समूह से उधार लिया था। अब हर बीतता दिन उसके लिए कर्ज और मौत का डर लेकर आता है। खेत की आखिरी रजिस्ट्री और 25 जनवरी का डर:- बुरानी निवासी सावित्री की कहानी आँखों में आंसू ला देती है। मजदूरी करने वाले पति के साथ हाथ बंटाने के लिए सावित्री ने अपना एक बीघा खेत 6 लाख रुपए में गिरवी रख दिया। ठग शिव सिन्हा ने उसे 15 लाख का फंड दिलाने और चूड़ी में नग लगाने की मशीन देने का झांसा दिया था। अब स्थिति यह है कि 25 जनवरी को उस खेत की रजिस्ट्री गिरवी रखने वाले के नाम हो जाएगी। सावित्री के पास अब न खेत बचा है और न ही मशीन।


