सतना जिले की मझगवां तहसील में राजस्व शुल्क चालान में गड़बड़ी का एक और मामला सामने आया है। पुलिस ने खुशी ऑनलाइन सेंटर के संचालक अजय कुमार रजक के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मंगलवार को हुई यह कार्रवाई तहसीलदार डॉ. सुदामा कोल की शिकायत पर की गई है। 2500 लिए, सरकारी खजाने में जमा किया सिर्फ 1 रुपया पुलिस के अनुसार, अजय कुमार रजक ने एक फरियादी से 2500 रुपये राजस्व शुल्क के रूप में लिए, लेकिन सरकारी खजाने में सिर्फ 1 रुपया जमा किया। बाकी रकम उसने अपने पास रख ली और फरियादी को फर्जी रसीद थमा दी। जब यह रसीद तहसील कार्यालय में जमा हुई और उसकी जांच की गई, तब यह फर्जीवाड़ा सामने आया। इस मामले में तहसीलदार डॉ. सुदामा कोल ने 13 जनवरी को पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने शिकायत में बताया कि राजस्व शुल्क चालान में बड़े पैमाने पर अनियमितता की जा रही है और आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। जांच और जरूरी दस्तावेज जुटाने के बाद पुलिस ने 20 जनवरी को आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया। पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला इससे पहले भी मझगवां में ही कियोस्क संचालक धनबाबू पटेल द्वारा राजस्व शुल्क चालान में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था। एसडीएम महिपाल गुर्जर के निर्देश पर मझगवां थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर के बाद से आरोपी फरार बताया जा रहा है। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राजस्व शुल्क में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच जारी है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना है।


