भिंड जिले के रौन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बिरौना के पास सिंध नदी पार करते समय एक 55 वर्षीय व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। मृतक अपने गांव से एक पारिवारिक निमंत्रण में शामिल होने जा रहा था। नदी में अचानक गहराई बढ़ने से वह संतुलन खो बैठा और गहरे गड्ढे में डूब गया। निमंत्रण में जा रहा था ग्रामीण, नदी पार करते वक्त हुआ हादसा मृतक की पहचान बच्छरेठा गांव निवासी जनक सिंह पुत्र राम सिंह श्याम (उम्र 55 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच जनक सिंह पैदल कच्चे रास्ते से सिंध नदी पार कर मनगढ़ गांव जा रहे थे। उसी दौरान नदी के बीच अचानक पानी गहरा हो गया और वे डूब गए। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान से जनक सिंह नदी पार कर रहे थे, वहां रात के समय अवैध रेत उत्खनन के लिए पनडुब्बियां डाली जाती हैं। इससे नदी में गहरे गड्ढे बन गए हैं। दिन में पनडुब्बियां हटा ली जाती हैं, लेकिन गहराई बनी रहती है, जो हादसों का कारण बन रही है। रेस्क्यू के बाद भी नहीं बची जान, जांच में जुटी पुलिस नदी के दूसरे किनारे मौजूद लोगों ने जब जनक सिंह को डूबते देखा तो शोर मचाया गया। ग्रामीणों ने तत्काल रेस्क्यू कर उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर रौन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया। रौन थाना प्रभारी टीआई राजवीर सिंह गुर्जर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मौत का कारण डूबना पाया गया है। घटना स्थल पर फिलहाल कोई पनडुब्बी नहीं मिली है और अवैध रेत उत्खनन के स्पष्ट साक्ष्य अभी सामने नहीं आए हैं। मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने सिंध नदी में अवैध रेत उत्खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि नदी में बने गहरे गड्ढे लगातार जानलेवा साबित हो रहे हैं और पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।


