करोंद चौराहा स्थित सबसे पुरानी शहीद भगत सिंह की प्रतिमा को मेट्रो निर्माण के दौरान क्रेन की टक्कर से टूट गई। प्रतिमा टूटने की जानकारी मिलते ही आसपास के थानों का बल मौके पर पहुंचा। मेट्रो प्रबंधन का दावा है कि मूर्ति विस्थापित करने के लिए नगर निगम को अप्रैल 2025 में पत्र लिखा था। तर्क दिया था कि मेट्रो वायाडक्ट निर्माण के दौरान इस चौराहा पर बड़ी मशीनरी का बार-बार आवागमन होगा, इसलिए सुरक्षार्थ प्रतिमा को हटा दिया जाए। हालांकि, निगम के ईई प्रमोद मालवीय ने जवाब दिया है कि हमें प्रतिमा विस्थापन के लिए कोई पत्र नहीं मिला है। घटना सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब सवा दो बजे हुई। क्रेन में बिजली के तार फंस गए। इन्हें छुड़ाने में टक्कर से प्रतिमा टूट गई। आधे घंटे प्रभावित रहा ट्रैफिक रात 11 बजे के बाद नो एंट्री खुलती है। आधी रात घटना हुई। उस वक्त करोंद चौराहे पर छोटे वाहनों के साथ ही बड़े वाहनों की आवाजाही भी ज्यादा रहती है। क्रेन में फंसे बिजली के तार हटाने के लिए वाहनों को रोकना पड़ा। इससे करीब आधे घंटे तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसने भानपुर, गांधी नगर, बैरसिया रोड व भोपाल टॉकीज रोड को भी प्रभावित किया। बाद में पुलिस ने कंपनी के कर्मचारियों की मदद से ही प्रतिमा को वहां से हटवाया।


