मूसेवाला हत्याकांड का संदिग्ध अरशद रंगदारी सिंडिकेट से जुड़ा:लुधियाना पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लाई,गोल्डी के लिए करता मिडलमेन का काम

पंजाब के लुधियाना की पुलिस 2022 में पंजाबी रैपर शुभदीप सिंह ‘सिद्धू मूसेवाला’ की हत्या के आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। यह अपराधी राजस्थान से अंतरराज्यीय रंगदारी रैकेट चलाने में एक प्रमुख के रूप में पहचाना गया है। अरशद खान राजस्थान के चूरू जिले का मूल निवासी है। पुलिस अरशद को फिरोजपुर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। पुलिस का आरोप है कि खान कुख्यात गोल्डी बराड़ गिरोह के लिए एक मिडल मेन के रूप में काम करता था, जिसने एक स्थानीय व्यवसायी को डराने के लिए गैंग बनाया। व्यवसायी से 50 लाख रुपए की रंगदारी की मांग को देने से मना कर दिया। सिविल लाइन्स में की थी गोलीबारी
यह मामला 5 जनवरी की एक घटना से जुड़ा है जिसमें तीन हमलावरों ने लुधियाना के सिविल लाइन्स में एक कपड़ों की दुकान पर गोलीबारी की थी। दुकान के मालिक हिमांशु हांडा ने पहले राजस्थान के गैंगस्टर रोहित गोदारा के करीबी सहयोगी महेंद्र ढिलाना से वॉट्सऐप पर रंगदारी की धमकी को नजरअंदाज कर दिया था। पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने दावा किया था कि तीन शूटरों की पहचान सुमित कुमार, 19, सुमित ‘एल्ट्रॉन’, 21, और संजू, 19 के रूप में हुई है। इन शूटरों को 12 जनवरी को लादियां जस्सियां इलाके में एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ के दौरान शूटरों ने खुलासा किया था कि अरशद खान ने उन्हें हांडा की दुकान पर गोली चलाने का काम सौंपा था ताकि उसे धमकाया जा सके क्योंकि उसने गिरोह की मांगों को वह नजरअंदाज कर रहा था। अरशद का आपराधिक रिकार्ड
अरशद खान के लिए हाई-स्टेक अपराध कोई नई बात नहीं है। उसे मूल रूप से महिंद्रा बोलेरो एसयूवी की सप्लाई करने के लिए गिरफ्तार किया गया था, जिसका इस्तेमाल शूटरों ने मई 2022 में गायक शुभदीप सिंह मूसेवाला की हत्या करने के लिए किया था। इसके अलावा पुलिस ने 2023 के गोइंदवाल जेल दंगे में खान की संलिप्तता की पुष्टि की थी। जो एक हिंसक आंतरिक संघर्ष था जिसके परिणामस्वरूप मूसेवाला हत्याकांड के दो अन्य संदिग्ध मनदीप सिंह तूफान और मनमोहन सिंह की मौत हो गई। आरोपी का जेल कनेक्शन
जांचकर्ताओं का कहना है कि अरशद खान और साथी कैदी शुभम ग्रोवर ने इक्कट्ठे मिलकर काम किया। निचले स्तर के बदमाशों को इन्होंने गोल्डी बराड़ के गैंग के साथ जोड़ा था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के सहयोगी पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में एक साथ काम कर रहे हैं। सबसे चिंताजनक पहलू जेल कनेक्शन है। कैदी न केवल युवाओं को पैसे से लुभा रहे हैं वे उनकी कानूनी फीस को संभालने और उनके परिवारों का समर्थन करने का वादा भी कर रहे हैं।

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