पुलिस कमिश्नर सिस्टम…जिलेभर में लागू करने के संकेत:आज कैबिनेट में होगा फैसला, 21 दिन बाद भी नहीं बना खाका, रिटायर्ड DG बोले-पूरे अधिकार दें

छत्तीसगढ़ का पहला पुलिस कमिश्नरी सिस्टम रायपुर में 23 जनवरी से लागू होगा। नगर निगम सीमा के बाहर भी इसका दायरा बढ़ाने की तैयारी है। नवा रायपुर अटल नगर, माना समेत कई थानों को इसमें शामिल किया जा रहा है। आज साय कैबिनेट की मीटिंग में अंतिम मुहर लग सकती है। बताया जा रहा है कि पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को जिलेभर में लागू करने के संकेत हैं। हालांकि पुलिस के अधिकारों में कटौती की बात भी कही जा रही है, लेकिन दायरा बढ़ाने की तैयारी है। दायरा बढ़ाने और अधिकारियों के लिए गृह मंत्री विजय शर्मा एडीजी कमेटी को पत्र भी लिख चुके हैं। दरअसल, इस मुद्दे को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से उठाया था। भास्कर ने कमिश्नरी सिस्टम के दायरे को लेकर सर्वे भी किया था। सर्वे में शामिल 90 फीसदी लोगों का कहना था कि पुलिस ​कमिश्नरी सिस्टम में नवा रायपुर को भी शामिल किया जाए। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजी अन्वेष मंगलम ने भी इसका समर्थन किया है। उनका मानना है कि किसी राज्य की कानून व्यवस्था मजबूत होती है तो निवेश बढ़ता है। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनते हैं। सबसे बड़ी बात, लोगों का सरकार पर भरोसा बढ़ता है। उन्होंने कहा कि इसका उदाहरण उत्तर प्रदेश है, जहां मजबूत लॉ एंड ऑर्डर के चलते सरकार दोबारा सत्ता में आई। छत्तीसगढ़ सरकार को इस पर सख्त फैसला लेते हुए सभी अधिकारों के साथ जिलेभर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करना चाहिए। 31 दिसंबर को ऐलान, लेकिन 21 दिनों में गृह विभाग नहीं तैयार कर पाया खाका दरअसल, 31 दिसंबर 2025 को कैबिनेट की बैठक में 23 जनवरी से रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने का फैसला लिया गया था। गृह विभाग को इसका खाका तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन 21 दिनों बाद भी अधिकारी खाका तैयार नहीं कर पाए। चर्चा है कि कुछ IAS अधिकारियों को जिलेभर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने पर आपत्ति है। वे पुलिस को प्रशासन के अधीन ही रखना चाहते हैं। इसे लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार मुलाकात कर आपत्ति दर्ज कराई जा रही है। इसी वजह से खाका तैयार करने में देरी हो रही है। सरकार की मंशा, जिलेभर में हो लागू हो सिस्टम गृह मंत्री विजय शर्मा ने जिलेभर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने के लिए कई बार पत्र लिखा है। उन्होंने एडीजी कमेटी से पूरे अधिकार देने की सिफारिश की है। बताया जा रहा है कि सीएम विष्णुदेव साय ने भी पूरे जिले में इसे लागू करने को लेकर अधिकारियों से चर्चा की है। संकेत हैं कि सरकार की मंशा पूरे जिले में मजबूत कमिश्नरी लागू करने की है। रायपुर में 2 तरह की पुलिसिंग व्यवस्था होने पर सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। अगर निगम सीमा के बाहर देहात पुलिस सिस्टम रहेगा तो नए जिले की तरह वहां नया सेटअप तैयार करना होगा। देहात में एसपी, एएसपी, डीएसपी के लिए नए कार्यालय, नई पुलिस लाइन, नया कंट्रोल रूम, वायरलेस सिस्टम, वाहन समेत अन्य व्यवस्थाओं पर 50 करोड़ से अधिक खर्च आएगा। थानों का दायरा हो जाएगा कम अगर देहात पुलिसिंग सिस्टम लागू हुआ तो नगर निगम क्षेत्र से सटे कई थानों का दायरा सिमट जाएगा। क्योंकि इन थानों के कई इलाके या गांव पंचायत क्षेत्र में आते हैं। इन इलाकों को देहात थानों में शामिल किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ेगी। विधानसभा थाना क्षेत्र से लगे सेमरिया, नरदहा और बरोंदागांव में बड़े स्कूल और कॉलेज हैं। ये इलाके देहात क्षेत्र में चले जाएंगे। इन इलाकों से विधानसभा थाना की दूरी लगभग एक किलोमीटर है, जबकि इन्हें खरोरा या सिलतरा थाना में शामिल किया जाएगा। इनकी दूरी 25 से 35 किलोमीटर है। लोगों को शिकायत के लिए इतनी दूर जाना पड़ेगा। एक्सपर्ट्स बोले… कमिश्नर को बिना कटौती पूरे अधिकार दें, औद्योगिक क्षेत्र से एयरपोर्ट तक आए दायरे में; सफल सिस्टम को रायपुर में लागू करें छत्तीसगढ़ के रिटायर्ड डीजी राजीव माथुर ने कहा कि रायपुर तेजी से बढ़ता हुआ शहर है। इसलिए यहां मजबूत और सख्त पुलिस कमिश्नरी की आवश्यकता है। नवा रायपुर को इसका हिस्सा बनाया जाना चाहिए। नगर निगम सीमा में उसके मुताबिक संशोधन किया जाना चाहिए। पुलिस कमिश्नर को पूरे अधिकार दिए जाने चाहिए। किसी के दबाव या हस्तक्षेप में अधिकारों में कटौती नहीं होनी चाहिए। लागू करने के नाम पर आधे-अधूरे अधिकार देना पुलिस को कमजोर करेगा। गन लाइसेंस और आबकारी लाइसेंस पुलिस दायरे में हो- आरके विज रिटायर्ड स्पेशल डीजी आरके विज ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र, एयरपोर्ट, मंत्रालय और सचिवालय को पुलिस कमिश्नरी के दायरे में आना चाहिए। इसका दायरा पूरा जिला भी हो सकता है। पुलिस को अपराध से जुड़े सभी अधिकार दिए जाने चाहिए। गन लाइसेंस और आबकारी लाइसेंस का अधिकार भी पुलिस के पास होना चाहिए। पुलिस को जितने अधिक अधिकार मिलेंगे, उतनी सख्त पुलिसिंग होगी और अपराध पर प्रभावी रोक लगेगी। नया सेटअप तैयार करने में अतिरिक्त खर्च होगा- अन्वेष मंगलम मध्यप्रदेश के रिटायर्ड स्पेशल डीजी अन्वेष मंगलम ने कहा कि दिल्ली, मुंबई और कानपुर की तरह रायपुर में भी पूरे जिले में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू किया जाना चाहिए। दो तरह की पुलिसिंग व्यवस्था से कई व्यावहारिक दिक्कतें आएंगी। नया सेटअप तैयार करने में अतिरिक्त खर्च होगा। सरकार को किसी दबाव में आए बिना पुलिस को पूरे अधिकार देने चाहिए। देश में जहां यह व्यवस्था सफल है, उसी मॉडल को रायपुर में लागू किया जाना चाहिए। निगम सीमा के बाहर भी इसका दायरा बढ़ाया जाना चाहिए। ……………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… रायपुर के 90% लोग चाहते हैं कमिश्नरी सिस्टम लागू हो:लोग बोले- पुलिस को पूरे अधिकार दिए जाएं; IG रैंक के अधिकारी होंगे कमिश्नर छत्तीसगढ़ राज्य का पहला और देश का 87वां पुलिस कमिश्नरी सिस्टम 11 दिन बाद 23 जनवरी से रायपुर में लागू होने वाला है। इसे लेकर दैनिक भास्कर ने एक सर्वे किया है। सर्वे में शामिल 90 फीसदी लोगों का कहना है कि पुलिस कमिश्नरी सिस्टम पूरे रायपुर जिले में लागू होना चाहिए। एक ही जिले में दो तरह की पुलिसिंग होने से अपराध बढ़ेगा और आम लोगों को भी दिक्कत होगी। पढ़ें पूरी खबर…

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